सोमवार, नवम्बर 29

सभी गोरखपुरवासियो एवं पुरे जोन के लिए 4 फरवरी से बड़ी खुशखबरी, मार्च तक हो जायेगा शुरू

पूर्वांचल में कैं’सर से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। कैं’सर के मरीजों को अब एम्स में इलाज मिलेगा। शनिवार को एम्स के रेडियोथेरेपी (कैं’सर रोग) विभाग में पहले शिक्षक ने ज्वाइन किया। इस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. शशांक शेखर ने शनिवार को ज्वाइन कर लिया। बताया जाता है कि मार्च तक कैं’सर रोग विभाग में ओपीडी शुरू हो जाएगी।

होम्योपैथिक विधा से होता है इलाज होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि शरीर में कोशिकाओं के अनियं’त्रित वृद्धि को ही कैं’सर कहते हैं। विश्व में मौ’त के सबसे बड़े कारणों में से एक है। कैं’सर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। होम्योपैथी से कैं’सर को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। यह बिना किसी तकलीफ के रोग को ठीक करने वाला उपचार होता है। होम्योपथी में कैं’सर के लिए बहुत सारी दवाए हैं l

कैं’सर के मरीज अवसा’द से भी जूझ रहे हैं। इसके कारण उनके शरीर में रोग प्रति’रोधक क्षमता पर असर पड़ रहा है। यह कहना है बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. प्रभात अग्रवाल का। उन्होंने बताया कि कैं’सर का पता चलते ही मरीज के दिलो-दिमाग पर एक जा’नले’वा बी’मारी का भ’य छा जाता है। इसके कारण वह अ’वसाद में चला जाता है। उसे अस’हनी’य दर्द होता है। नीं’द कम आती है। मन बेचै’न रहता है। काम में मन नहीं लगता है। कैं’सर से जूझ रहे 10 फीसदी मरीज गहरे अवसाद में चले जाते हैं। ऐसे मरीजों को कैं’सर के साथ मनोचिकित्सक के इलाज व काउंसलिंग की जरूरत होती है।

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