बिहार,( कुलसूम फात्मा )   ख्वाब किस उम्र में पूरे करने चाहिए जो ख्वाब पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती । और इस बात को सुलेखा ने साबित भी कर दिया। सुलेखा अपनी पढाई का श्रेय अपनी बेटी को देती हैं। उन्होंने पटना में मगध महिला कॉलेज से 2019 में नामांकन लिया था और बेटी श्रेया जीव विज्ञान में ऑनर्स कर रहीं हैं। मां हिंदी सब्जेक्ट से है। सुलेखा ने कहा कुछ ही दिनों पूर्व परीक्षा रिजल्ट आया है। वह फर्स्ट डिवीजन से उत्तीर्ण पास हुई है। हालांकि बेटी सेकंड डिविजन आई। पढ़ाई में कई बार बेटी उनकी सहायता भी करती है और बेटी कहती है मैं अपनी मां की पढ़ाई में आगे भी सहायता करती रहूंगी।

 

एक ही कॉलेज में है मां बेटी

आपको बता दें मां बेटी अलग-अलग कॉलेज में नहीं हैं बल्कि एक ही कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं ,सुलेखा से बातचीत की तो उन्होंने कहा शादी के बाद उनकी पढ़ाई छूट गई थी। उन्हें बेहद अफसोस था के उनको 24 साल के बाद पढ़ने का मौका नहीं मिला और बेटी के साथ फिर से पढ़ाई शुरू करी उन्होंने कहा उन्हें पढ़ाई खत्म करने का बाद कॉलेज में प्रोफ़ेसर बनना है। सूलेखा का सपना प्रोफेसर का मुकाम हासिल करना है जिससे परिवार उन पर गर्व महसूस करें। इसके लिए वह वर्तमान समय में काफी मेहनत भी कर रहीं हैं।

 

 

कोरोना के कारण हो रही है ऑनलाइन क्लास।

सुलेखा कहती हैं कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन क्लास हो रही है। ऑनलाइन क्लास के वजह से कुछ नए शिक्षकों से पहचान नहीं हो पा रही है। इस वजह से कभी क्लास के बीच वह उन्हें बाबू कह कर बुलाती हैं। इससे उन्हें थोड़ा अजीब लगता है परंतु अपने से कम उम्र के शिक्षकों से पढ़ कर उन्हें बहुत मजा आता है। वह कहती हैं कोई कुछ भी कहे पर मुझे तो पढ़ना है और पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती थोड़ी देर अवश्य आई हूं, लेकिन सही आई हूं और मैं प्रोफेसर बनकर ही रहूंगी।

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