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भारत में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को लेकर बड़ी खबर रेलवे द्वारा जारी की गई है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू करने के लिए फिलहाल भारत में 27 रूट का चयन किया गया है पहले फेज में इन रूटों पर वनडे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा उसके बाद फिर दूसरे फेज में अन्य रूटों का चयन कर उस पर भी ऐसी ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

 

भारत के चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत के ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का फायदा बिहार के रेल यात्रियों को भी मिल सकता है जिसके लिए दिल्ली से हावड़ा रूट का चयन किया जा सकता है। इस बीच यह ट्रेन बिहार के कुछ ज़िलों से गुज़ारने की तैयारी है। फिलहाल भारतीय रेलवे द्वारा दो बंदे भारत ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

 

रेलवे द्वारा जारी ऑफिशियल जानकारी के अनुसार तीसरे वंदे भारत ट्रेन का रूट चयन लगभग तय किया जा चुका है। तीसरे रूट पर ट्रायल का कार्य 15 सितंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा, तथा ट्रायल सफल रहने के बाद इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया जा सकता है। यह रूट अहमदाबाद से मुंबई बताया गया है। रेलवे मंत्रालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार रूट अहमदाबाद मुंबई पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया जाना है, ऐसे में सफल होता है तो रेल यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।

 

सफर में लगने वाले समय में भारी कटौती होगी, ट्रायल के लिए वंदे भारत का रैक इस गुरुवार को ही चंडीगढ़ पहुंच चुका है, इसके अलावा रेलवे द्वारा बीते शुक्रवार को न्यू मोरिंडा से साहनेवाल के बीच भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल किया गया है, ट्रायल की रफ्तार इन दोनों स्टेशनों के बीच लगभग 115 किलोमीटर प्रति घंटे की थी, ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा अब अगर इस रूट पर ट्रेन का परिचालन होता है,  तो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से यह 40 किलोमीटर की दूरी महज 20 से 21 मिनट में तय की जा सकती है क्योंकि ट्रायल इन दोनों स्टेशनों के बीच किया गया है और इन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी 40 किलोमीटर है जो कि ट्रायल के दौरान ट्रेन ने इस दूरी को मात्र 20 मिनट में ही पूरा कर लिया।

 

आइए जानते हैं वंदे भारत ट्रेन की कुछ प्रमुख विशेषताएं, सबसे पहले इस शानदार ट्रेन के डिजाइन की बात की जाए तो इस ट्रेन को ऐसा डिजाइन किया गया है कि कोई भी यात्री ड्राइवर के केबिन को आसानी से देख सकता है, तथा ट्रेन के दो बोगियों के बीच की दूरी को पूरी तरह से सील कर दिया गया है जिसका फायदा यह होगा कि ट्रेन में आने वाले अत्यधिक आवाज़ में कमी आएगी। अत्याधुनिक सुविधाओं की बात की जाए तो ट्रेन में जो रीडिंग लाइट दी गई है वह टच से कंट्रोल की जा सकेगी।

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