सोमवार, नवम्बर 29

लॉकडाउन 2.0 :- भारत में अस्पतालो के चक्कर लगाने का झंझट ख़त्म, 1 रुo में ऑनलाइन इलाज शुरू

कोरोना संकट की वजह से जारी लॉकडाउन के दौरान सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 20 अप्रैल से देश के ग्रामीण इलाके में स्थित 1.5 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा शुरू हो रही है। ग्रामीण मात्र एक रुपया देकर ऑनलाइन ओपीडी का फायदा उठा सकेंगे। सरकार की तरफ से घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत लगभग 20 करोड़ गरीब महिला और किसानों को भी अब पैसे लेने के लिए बैंक और एटीएम का रुख नहीं करना पड़ेगा। ये लोग 20 अप्रैल से सीएससी से अपनी मदद की राशि हासिल कर सकेंगे।

सोमवार से ग्रामीण इलाके में डेढ लाख से अधिक सीएससी काम करने लगेंगे

गत 25 मार्च से लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही सीएससी के कामकाज को बंद कर दिया गया था जिसे सोमवार से (20 अप्रैल) शुरू करने की इजाजत मिल गई है। सीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय के तहत काम करता है और देश में 3 लाख से अधिक सीएससी है। सीएससी के सीईओ दिनेश त्यागी ने बताया कि लॉकडाउन को लेकर गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सोमवार से ग्रामीण इलाके में स्थित डेढ लाख से अधिक सीएससी काम करने लगेंगे। यहां ग्रामीण मात्र एक रुपए की फीस देकर सुूबह 8 बजे से रात के 8 बजे के बीच सप्ताह के किसी भी दिन अपनी बीमारी का इलाज टेलीमेडिसिन के जरिए करा सकते हैं।

इलाज की सुविधा मिलने से ग्रामीणों में को’रोना सं’क्रमण की आशंका काफी कम रह जाएगी

उन्होंने बताया कि सीएससी के पैनल पर अपोलो समेत कई निजी अस्पतालों के डॉक्टर हैं जो मरीजों का इलाज करते हैं। लॉकडाउन के दौरान कई सरकारी डॉक्टरों को भी टेलीमेडिसिन के जरिए गांवों वालों के लिए ओपीडी सुविधा बहाल करने के लिए कहा गया है। गांवों में ही इलाज की सुविधा मिलने से ग्रामीणों में को’रोना सं’क्रमण की आशंका काफी कम रह जाएगी क्योंकि उन्हें शहर नहीं आना पड़ेगा।

20 अप्रैल से ग्रामीणों को बैंक और एटीएम के चक्कर नहीं लगाने होंगे

20 अप्रैल से ग्रामीणों को पैसे निकालने के लिए बैंक और एटीएम के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे सीएससी से अपने पैसे निकाल सकेंगे। कोरोना संकट के दौरान मदद के लिए घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार इन दिनों जनधन खाता रखने वाली महिलाओं के साथ किसान, बुजुर्गो, विधवाओं एवं विकलांगों की आर्थिक मदद के लिए सीधे उनके खाते में पैसे दे रही है। इसे निकालने के लिए इन दिनों बैंकों में भीड़ जमा हो रही है जिससे को’रोना वा’यरस के फैलने का डर बना रहता है। त्यागी कहते हैं, अब सरकारी मदद के तहत आने वाले 20 करोड़ किसान और गरीब महिलाएं व अन्य लोग सीएससी से ही अपने पैसे ले लेंगे और उन्हें बैंक जाने की कोई जरूरत नहीं होगी।