शुक्रवार, दिसम्बर 3

लॉकडाउन में एक मसीहा ऐसा भी 10 बिहारी श्रमिकों को 2 महीना खिलाया खाना और फ्लाइट से भेजा घर

मालिक की इस दरियादिली पर मजदूरों को खुशी का ठिकाना नहीं है. वापस लौटे मजदूर जीवक राम का कहना है कि पिछले दो महीनों तक खाना पीना सब मालिक ने अपने पैसे से करवाया. दो महीनों में लगा ही नहीं कि हमलोग लॉकडाउन में रह रहे हैं. वापस लौटे मजदूर नवीन का कहना है कि घर के बाहर रात दिन लोगों को परिवार के साथ पैदल चलते देखता था. लोगों को देखकर रोंगटे खड़े हो जाते थे।

लगता था कि हमलोगों को भी ऐसे ही जाना होगा पर मालिक ने फ्लाइट का टिकट कटाकर हाथ में दिया तो विश्वास नहीं हुआ. पटना तक फ्लाइट से भेजने वाले मालिक ने आगे के सफर यानि समस्तीपुर तक जाने के लिए किराया भी दिया ताकि घर तक अच्छे से पहुंच सकें। समस्तीपुर के रहने वाले 10 मजदूर दिल्ली में पप्पन सिंह गहलोत के लिए मशरूम की खेती करते हैं मशरूम के खेतों में काम करते थे. सभी मजदूर पिछले 10 सालों से दिल्ली में एक ही मालिक के पास मशरूम की खेती करते थे।

दिल्ली से लौटे मजदूर नवीन राम ने बताया कि लॉकडाउन से पहले काम खत्म कर सभी अपने घर समस्तीपुर आना चाहते थे लेकिन इससे पहले ही लॉकडाउन लग गया और इस कारण वापस आना मुश्किल हो गया था. ट्रेन और फ्लाइट जब चलना शुरू हुआ तो मालिक ने सभी 10 मजदूरों को फ्लाइट के जरिये वापस घर भेजा.

दिल्ली से वापस लौटे सभी 10 मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद फिर मालिक के पास ही वापस लौटकर काम करना चाहते हैं. वापस लौटे लखिन्द्र राम का कहना है कि बुरे वक्त में मालिक जब इतना साथ दे तो भला कौन ऐसे मालिक को छोड़ना चाहेगा।अगस्त में फिर हम सभी लोग वापस लौटकर वही काम करेंगे.

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