सोमवार, नवम्बर 29

लॉकडाउन में फसे बिहारियों को इस प्रकार वापस लाएगी सरकार, ये है वापसी की पूरी प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन के 35 दिनों बाद प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक अपने घरों को जा सकते हैं। केंद्र के इस फैसले के बाद बिहार सरकार कोटा में फंसे छात्रों और देश के विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों को लाने की दिशा में काम कर रही है।

बाहर से छात्रों और प्रवासी मजदूरों को लाने की प्रक्रिया के संबंध में मुख्य सचिव बैठक कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि कोटा में फंसे छात्रों और प्रवासी मजदूरों को बस से लाया जाएगा। बिहार की सीमा पर सभी की स्क्रीनिंग होगी। जांच के बाद उन्हें होम क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। बिहार सरकार पूरे देश में बस नहीं भेज सकती। इसके लिए दूसरे राज्यों से संपर्क किया जाएगा।

नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों, मजदूरों, पर्यटकों और अन्य लोगों को आवागमन में छूट देने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी लंबे समय से मांग थी। केंद्र सरकार का यह निर्णय उपयुक्त और स्वागत योग्य है।

हमारी मांग पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक फैसला लिया है। इससे बड़ी संख्या में बिहार आने के इच्छुक छात्रों, प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं समेत अन्य लोगों को वापस लौटने में आसानी होगी। केंद्र सरकार के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह आदेश पूरी तरह से जनहित में है और इसका सबको पालन करना चाहिए। बिहार सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केंद्र द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का हमेशा पालन किया है।