शुक्रवार, दिसम्बर 3

लॉकडाउन के दौरान इस व्यवसाय में जबरदस्त उछाल, लोग दिखा रहे उत्साह कमा रहे पैसा

को’रोना वा’यरस की महा’मारी से बचने के लिए ला’गू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान ही लोगों की सुविधा के लिए खोले गए सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर्स लोगों का चहेते बनने लगे हैं। मात्र दो सप्ताह में ही ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन बिजनेस के इस मॉडल को गांव के लोगों ने हाथोंहाथ लिया है। शहरों की तर्ज पर घर बैठे मोबाइल एप से जरूरत का हर सामान ऑर्डर पर मंगाया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए पहले से चल रहे कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी का विस्तार करते हुए इसमें ग्रामीण ई-स्टोर्स का एप जोड़ दिया गया है। सीएससी के सीईओ डीसी त्यागी ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े में 1,500 से अधिक ग्रामीण ई-स्टोर्स काम करने लगे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और झारखंड में इस एप आधारित ग्रामीण बिजनेस पर आश्चर्य जताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

इसकी शुरुआत तो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से की गई। लेकिन लॉकडाउन के दौरान इसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया है। उन्नाव के हसनगंज कस्बे में सीएससी चलाने वाले ओमप्रकाश सिंह ने 11 दिन पहले ही ग्रामीण ई-स्टोर्स के एप पर बिजनेस चालू किया। उनके यहां रोजाना 35 से 40 ऑर्डर हो रहे हैं। इनमें से तीन या चार ऑर्डर में सैनिटरी पैड जरूर शामिल होता है। लॉकडाउन के दौरान वह इसे एमआरपी से आधी कीमत पर देते हैं। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में भवानीगढ़ रैंचा के सर्वेश कुमार अब तक 400 ऑर्डर पूरा कर चुके हैं।

डिलीवरी के लिए तीन लड़कों को साथ लिया है। झारखंड में वासदेव महतो के ई-स्टोर्स पर सौंदर्य प्रसाधनों की मांग सर्वाधिक आई है। फेयरनेस क्रीम से लेकर बड़े ब्रांड के सैंपू और इंडक्शन चूल्हे का ऑर्डर भी मिला है। रांची से जमशेदपुर हाईवे पर 35 किमी दूर बसे रेवाडीह के शिवकुमार का कारोबार इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि उन्होंने तिपहिया ऑटो रिक्शा से ऑर्डर पहुंचा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के दादू हमीरपुर की रंजना कुमारी को लगता है कि स्टोर्स में इलेक्ट्रानिक्स व इलेक्टिकल्स की चीजें भी जोड़ी जानी चाहिए।