शुक्रवार, दिसम्बर 3

लॉकडाउन की मार :- भागलपुर में दो व्यवसायी ने की आत्महत्या, एक कैंटीन चालक तो दूसरे शोरूम मालिक

मुंदीचक के जीपी वर्मा लेन में गुरुवार रात 12.30 बजे रूपेश साह (37) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। वह भीखनपुर चौक के पास ई-रिक्शा बेचता था। लॉकडाउन में ढाई माह से दुकान बंद रहने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। कई से उसने कर्ज ले रखे थे। व्यवसाय में घाटा देख उसने जान दे दी। पत्नी व अन्य परिजनों ने दरवाजा तोड़ कर उसे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तिलकामांझी पुलिस ने उसकी पत्नी कल्पना देवी के बयान पर यूडी केस दर्ज किया है।

रूपेश ने टीएनबी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की थी और ई-रिक्शा बेचने का कारोबार शुरू किया था। उसके दो बच्चे हैं। पिता रमेश साह ने बताया, लॉकडाउन में घाटा हुआ था। वह बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दे पा रहा था। भूखमरी की स्थिति बन गई थी। दोनों बच्चे माउंट असीसी में पढ़ते हैं। पिता ने बताया, रात में बहू ने फोन पर पूरा मामला बताया। रूपेश के माता-पिता नाथनगर में अपनी बेटी के घर रहते हैं। रूपेश दो भाइयों में छोटा था।

 

शुक्रवार तड़के 4 बजे तबीयत ज्यादा खराब हुई तो वह बच्चों को लेकर मायके सजौर चली गई। वहां से सराय में डॉक्टर से इलाज कराया। जब पिंकी घर से निकली थी, तब पति जीवित थे। शाम 5 बजे मकान मालिक ने विनय के भाई को फोन कर बताया कि कमरे में विनय पड़ा है। उसकी तबियत खराब है। विनय के भाई, पत्नी व परिजन कमरे में पहुंचे तो देखा विनय के मुंह के झाग निकल रहा है व उसका पेट फूल गया था।

 

रूपेश ने पहले ही आत्महत्या की ठान ली थी। मौत से एक दिन पहले उसने दुकान और कर्ज के हिसाब-किताब मिलाया था, ताकि उसके जाने के बाद परिजनों को परेशानी न हो। पत्नी के मुताबिक, रात में कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। आवाज देने पर जब पति ने दरवाजा नहीं खोला तो घबराहट हुई। इसके बाद परिजनों को फोन कर सूचना दी। खिड़की से झांककर देखा तो पति ने फांसी लगा ली थी।

 

महमदाबाद ठाकुरबाड़ी के पास किराए पर रहने वाले विनय साह (45) ने आर्थिक तंगी से परेशान हो जहर खाकर जान दे दी। घटना शुक्रवार सुबह की है पर खुलासा शाम में हुआ। वह मायागंज अस्पताल कैंपस के कैंटीन में रसोइया था। पुलिस ने बताया, आर्थिक तंगी से बीमार पत्नी व मां का इलाज न करा पाने से अक्सर घर में कलह होता था। इससे तंग आकर आत्महत्या की। देर शाम जानकारी पर बबरगंज थानेदार पवन कुमार सिंह पहुंचे और जांच की। मृतक मूलत: वारलसीगंज का रहने वाला था। उसके पैतृक घर में मां व उसके दो भाई परिजनों संग रहती हैं।

विनय पत्नी पिंकी व दो बच्चों संग महमदाबाद में बाबूलाल मंडल के मकान में किराए पर रहता था। पत्नी पिंकी ने बताया, वह और सास कुछ दिनों से वह बीमार है। पति के पास इलाज के पैसे नहीं थे। इसे लेकर एक दिन पहले ही विनय से झगड़ा हुआ था। कैंटीन से विनय को 5 हजार रुपए मिलते थे। इसी से किराया, घर का खर्चा, बच्चों की पढ़ाई और इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा था। शनिवार को उसका पोस्टमार्टम होगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *