सोमवार, नवम्बर 29

रेलवे का निर्देश जारी गोरखपुर, लखनऊ, छपरा और वाराणसी वापस होंगी ट्रेने सिर्फ ऐसे लोग ही बैठ सकेंगे

निरस्तीकरण के बाद दूसरे जोन के स्टेशनों पर फंसी 637 ट्रेनें वापस होंगी। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे की 24 ट्रेनें भी शामिल हैं, जो दूसरे जोन के विभिन्न स्टेशनों पर खाली खड़ी हैं। रेलवे बोर्ड ने दूसरे जोन के स्टेशनों पर खाली खड़ी ट्रेनों को मूल स्टेशनों पर भेजने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। जोनल स्तर पर ट्रेनों के वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इन खाली ट्रेनों के साथ दूर स्टेशनों पर फंसे रेलवे के स्टाफ भी अपने घर लौट आएंगे। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रेन में कोई यात्री न बैठे।

 

दरअसल गोरखपुर, लखनऊ, छपरा और वाराणसी से शुक्रवार और शनिवार को रवाना हुई लंबी दूरी की ट्रेनें निरस्तीकरण के बाद दूसरे जोन के स्टेशनों पर खड़ी हैं। लोको पायलट, गार्ड और टीटीई तो किसी तरह वापस आ गए हैं, लेकिन कोच अटेंडेंट, एसी और विद्युत मैकेनिक तथा पेंट्रीकारों के वेंडर ट्रेनों की रेक के साथ ही स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। हालांकि रेलवे प्रशासन ने प्रत्येक स्टेशनों पर बाहर से आने वाले कर्मचारियों के ठहरने और खानेपीने की व्यवस्था सुनिश्चित की है, लेकिन हाल्ट जैसे छोटे स्टेशनों पर यह बड़ी समस्या बनी हुई है।

 

ट्रेनों की रेक जिस मूल स्टेशन की है वहां भेज दी जाएगी। ताकि यात्री रेल सेवा बहाल होने के साथ ही ट्रेनों को नियमित रूप से संचालित किया जा सके। खाली पड़ी ट्रेनों की रेक को भेजने के समय सोशल डिस्टेंस और सैनिजाइजेशन का पूरा ख्याल रखा जाएगा। – पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे कोरोना वायरस से बचाव के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने गोरखपुर की सीमा को 25 मार्च तक सील कर दिया है।

 

जिले से लगने वाले देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर आदि जिलों से किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि बाहर से आए लोगों का हम परीक्षण करा रहे हैं। उनपर पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में दूसरे जिलों से लगने वाली सीमाओं को सील करा दिया गया है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग घर में ही रहें। अगर लोग बेवजह बाहर मिलते हैं तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।

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