उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना जारी की जा रही है। यह सूचना आपके बिजली मीटर के संबंधित है, जिसमें एक अलग तरह की समस्या ने विभाग को परेशान कर दिया है। जिससे निपटने के लिए विभाग ने भी कमर कस ली है।

 

कितना में यह संदेश जारी किया गया है कि अगर मीटर रीडिंग एजेंसी से कोई भी कर्मचारी आपके घर या व्यवसायिक मीटर की रिडिंग लेने आ रहा है तो आप खुद वहां उपस्थित होकर निकाले गए बिल तथा मीटर में रिकॉर्ड रिडिंग की जाँच ज़रूर करवाए। यह कार्य हर महीने नहीं तो कम से कम 3 महीने या 6 महीने में एक बार जरूर कर ले।

 

मिली ताजा शिकायत के अनुसार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दर्ज मीटर रीडिंग के बजाय मनमानी तरीके से रीडिंग पर बील बनाया जा रहा है, अगर महीने में 500 यूनिट बिजली की खपत होती है और मीटर रीडिंग एजेंसी के कर्मचारी के द्वारा 400 यूनिट का बिल बनाया जाता है, तो धीरे-धीरे सैकड़ों यूनिट बिजली के मीटर में बकाया के रूप में दर्ज होता रहता है।

 

ऐसे नहीं बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच करने पर दोषी पाए जाने वाले बिजली उपभोक्ता को दंड के साथ एरियर भी देना पड़ रहा है। कुछ दिनों पहले ऐसे 22 मामले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दर्ज किए गए बिजली निगम के अधिकारियों ने साफ-साफ कहा है मीटर रिडिंग में गड़बड़ी पकड़े जाने पर बिजली उपभोक्ता से मूल बिजली बिल की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा और इसके साथ-साथ मीटर रीडिंग एजेंसी के विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।

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