शुक्रवार, दिसम्बर 3

भागलपुर में मचा हड़कंप बिहार के नामी वकील कामेश्वर पांडेय और नौकरानी की हत्या, कार भी लेकर भागे

बिहार बार काउंसिल के अध्यक्ष सह भागलपुर के नामचीन अधिवक्ता कामेश्वर पांडेय की गुरुवार की देर रात अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी। वे सैंडिस कंपाउंड के पास नवाबबाग कॉलोनी स्थित अपने निजी अवास में सोए हुए थे। इसी क्रम में उनकी हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है और मामले की पड़ताल कर रही है। उनके घर की आलमारी भी टूटी हुई है। हत्यारों ने अधिवक्ता की दाई को भी मारकर शव को घर में रखे ड़्रम में डाल दिया। जबकि उनके मकान का किरायेदार फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने किरायेदार पर हत्या की आशंका जताई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मामले की पड़ताल के लिए खुद वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती वहां पहुंचे। एसएसपी ने जिले के कई पुलिस अधिकारी व कई थानों की पुलिस को वहां बुला लिया है। श्वान दस्ता से भी हत्या की जांच कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार अपराधियों ने सीनियर अधिवक्ता की हत्या के बाद उनकी चारपहिया वाहन भी लेकर फरार हो गया है। प्रारं‍भिक सूचना के अनुसार उनके घर से रुपये, जेबरात, कपड़ा आदि गायब हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद डीआइजी सुजित कुमार वहां पहुंचे। उन्होंने उनके घर के प्रत्येक भाग का जायजा लिया। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता उनके आवास पर पहुंच गए हैं। वहीं, शहर के बुद्धिजीवि और आम लोगों का भी उनके आवास में आना जारी है। इस घटना के पूरा शहर स्तब्ध है। हर जुवां पर कामेश्वर पांडेय की हत्या की चर्चा है। जिला विधिज्ञ संघ में भी लोग जगह-जगह गोलबंद होकर इस घटना की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि अधिवक्ताओं में भी इस घटना को लेकर भयमिश्रित आक्रोश व्याप्‍त है।

यहां बता दें कि कामेश्वर पांडेय का पैतृक घर नवगछिया अनुमंडल के तीनटंगा गांव में है। वे भागलपुर अदालत में क्रिमिनल लॉयर थे। इस हत्‍या के बाद उनके पैतृक गांव मे भी शोक का माहौल है। इस घटना की सूचना से गांव के लोगों मे भी रोष है। जानकारी के अनुसार गांव के बुद्धिजीवी और परिजन भी भागलपुर के लिए निकल चुके हैं।

कामेश्वर पांडेय की हत्या से जिले के अधिवक्‍तओं में रोष है। सभी अधिवक्तओं ने सामुहिक निर्णय लेते हुए शुक्रवार से आदलती कार्य नहीं करने का फैसला लिया है। जिला विधिज्ञ संघ ने शोक प्रस्ताव पास किया है। अधिवक्ताओं ने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, दूसरी तरफ, नवगछिया व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी हत्या के विरोध में अपने को न्यायिक कार्य से अलग कर लिया है।

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