कोरोनावायरस के वजह से पूरे देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है, बीते दिन गुरुवार को भी जहां कहीं भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं वहां पर लोगों की लंबी कतार देखी जा रही है। ऑक्सीजन भरवाने के लिए लोग लंबी लंबी कतारें लगा रहे हैं। मौसम कैसा भी हो धूप बारिश आंधी लोग अपने परिजनों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

 

 

इस बीच बिहार से एक अच्छी खबर यह है कि अपने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण 7 दिनों के भीतर कुल 15 जगहों पर मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लग जाएगा जिसकी न्यूनतम क्षमता 960 लीटर प्रति मिनट होगी। यह प्लांट वातावरण से ऑक्सीजन को लेकर पीएसए टेक्नोलॉजी से ऑक्सीजन तैयार करेगा। यह कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अखिल भारतीय कार्यक्रम के तहत बिहार में यह ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।

 

 

हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने भी यह ऐलान किया है कि बिहार में जहां कहीं भी मेडिकल कॉलेज हैं वहां पर ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। अगर राज्य सरकार अपने इस कार्य पर पूरी तरह से खरा उतनी तो बिहार के सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट हो जाएगा। और लोगों ऑक्सीजन की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।

 

 

एनएचआईए ने यह बताया है कि सभी संयंत्र स्थापित करने के बाद यह सारा कार्य एलएनटी और टाटा कंपनी के द्वारा किया जाएगा। जोकि पाइप लाइन के माध्यम से अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बिहार के इन जिलों का चयन किया है जहां पर मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। उन जिलों के नाम निम्न रूप से हैं।

 

 

पहले स्थान पर पटना जिला शामिल है यहां मसौढ़ी में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा, रोहतास- डेहरी आन सोन, वैशाली- महुआ, नवादा- रजौली, पश्चिमी चंपारण- नरकटियागंज, सिवान- महाराजगंज, मधुबनी-जयनगर, समस्तीपुर-पटोरी, पूर्णिया-बनमनखी, अररिया-फारबिसगंज, सहरसा-सिमरी बख्तियारपुर, बेगूसराय-बलिया, भागलपुर-कहलगांव, भोजपुर-जगदीशपुर, बक्सर-डुमरांव,  इन सभी प्लांटों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध जमीन पर लगाने की तैयारी की जा रही है।

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