सोमवार, नवम्बर 29

बिहार लौटे लोगो का दर्द नून रोटी खाएंगे वापस नहीं जायेंगे तो सीएम ने वीडियो कॉल से कहा ठीक है।

क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रवासी श्रमिकों के बीच संगीतमय जुगलबंदी भी देखी गई। अररिया के एमएस टेढ़ी मसहरी, फारबिसगंज केंद्र पर 10 मई को चंडीगढ़ से आए प्रवासी श्रमिक ने कहा, ‘नून रोटी खाएंगे, कोरोना को भगाएंगे, अब वापस नहीं जाएंगे’, इतना सुनते हैं मुख्यमंत्री ने जवाब दिया -’ठीक है’। इसके बाद फारबिसगंज क्वारेंटाइन सेंटर पर मौजूद प्रवासियों और अधिकारियों ने खूब तालियां बजाईं।

मुख्यमंत्री ने एक-एक कर 20 जिलों के 40 क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों से बातचीत की। इस दौरान सबने एक सुर में कहा- हम यहीं रहकर काम करेंगे। चाहे कुछ भी हो जाए, अब हमें वापस नहीं जाना है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को बख्तियारपुर और विक्रम प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वाले प्रवासी मजदूरों से भी बात की। इस दौरान प्रवासी मजदूरों ने वहां मिल रही सुविधाओं पर संतोष जताया।

वैशाली के महिला कॉलेज हाजीपुर केंद्र पर दिल्ली से आए प्रवासी, समस्तीपुर के एलकेवीडी कॉलेज, ताजपुर सेंटर पर मुंबई से आए प्रवासी, सारण के राजकीय मिडिल स्कूल, रिविलगंज केंद्र पर रेवाड़ी (हरियाणा) से आई महिला, गोपालगंज में भोला प्रसाद सिंह कॉलेज, भोरे में मुंबई से आए महेश प्रसाद सिंह, किशनगंज जिले के पोठिया केंद्र पर कर्नाटक के हुबली से आए प्रवासी श्रमिक, सहरसा के कन्या मध्य विद्यालय नौहट्टा केंद्र पर दिल्ली से आए मो. इकबाल, खगड़िया के जेएनकेपी केंद्र पर दिल्ली से आए श्रमिक, अभियंत्रण महाविद्यालय, बख्तियारपुर में गुजरात से आए भोला ठाकुर,

औरंगाबाद में बीएड कॉलेज, महामाया बिगहा सेंटर पर दिल्ली से आई देवंती कुंवर, लखीसराय बालिका उच्च विद्यालय, हलसी केंद्र पर सूरत से आए राजकुमार पांडेय और नालंदा के गिरियक सेंटर पर कोलकाता से आए श्यामसुंदर ने अब बिहार में ही रह कर काम करने की इच्छा जताई। सीएम नीतीश कुमार के साथ डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय और मुख्य सचिव दीपक कुमार मौजूद थे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *