पूरे राज्य में पुराने या दुर्घटना ग्रस्त वाहनों को नष्ट करने का सिलसिला शुरू हो गया है ।  इस संबंध में परिवहन विभाग ने वाहनों को नष्ट करने के लिए कबाड़ केंद्रों को खोलने की अनुमति देना शुरू कर दिया है। इसके लिए परिवहन विभाग ने अभी तक 15 जिले में 20 स्क्रैप सेंटर खोलने की अनुमति दी है।

 

#   पटना में  खोले जाएंगे सबसे अधिक सेंटर…….

विभाग ने राजधानी पटना में सबसे अधिक सेंटर खोले है।  इसके अलावा वैशाली में तीन जबकि 12 जिलों में एक-एक आवेदकों को कबाड़ केंद्र खोलने की अनुमति मिली है। इनमें समस्तीपुर, सीवान, भागलपुर, दरभंगा, नालंदा, लखीसराय, पूर्णिया, बांका, गोपालगंज, कटिहार, मधुबनी, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं।

 

#   यह है गाइडलाइन …………

दिशानिर्देशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से या किसी फर्म, सोसाइटी या ट्रस्ट के माध्यम से वाहन स्क्रैप सेंटर खोल सकता है। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी। बोर्ड की टीम केंद्र का दौरा करेगी और मानक को पूरा करने के बाद आधिकारिक लाइसेंस जारी करेगी। स्थायी खाता संख्या और जीएसटी पंजीकरण अब केंद्र  को खोलने के लिए अनिवार्य हैं। केंद्र यार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।

 

#    डेटा को तीन महीने के लिए रखना होगा……..

नष्ट किए गए वाहनों का रिकॉर्ड तीन महीने की अवधि के लिए रखना होगा ।  उसके बाद यह डेटा सरकार को देना होगा। केंद्रीय लाइसेंस सरकार द्वारा अधिकतम 10 वर्षों की अवधि के लिए जारी किया  जाएगा।  जिसके बाद इसे रिन्यू कराना होता है। छोटे वाहनों को व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर खोलने के लिए कम से कम 4000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है, जबकि बड़े वाहनों को 8000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है। कबाड़ केंद्र खोलने वालोसे एक लाख पंजीकरण शुल्क और 10 लाख बैंक गारंटी भी वसूल की जाएगी। जो वाहन सड़क के योग्य नहीं हैं उन्हें स्क्रैप सेंटरों पर नष्ट किया जा सकता है। वैसे किसी भी व्यक्ति को इन कबाड़खानों में जाने और वाहनों को नष्ट करने से रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएंगे । ऐसे वाहनों को भी नष्ट किया जाएगा, जिन्हें वाहन मालिक खुद नष्ट करना चाहता है। गाड़ियों को तब तक नष्ट नहीं किया जायेगा. जब तक उसका ईंधन, तेल, एंटीफ्रीज व अन्य गैस, तरल पदार्थों आदि को निकाल न लिया जाये । जितने मूल्य की गाड़ी नष्ट होगी , उसी श्रेणी के वाहन खरीदने पर सरकार की ओर से टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

 

# जांच के बाद की जाएगी स्क्रैपिंग………

विभागीय योजना के अनुसार निबंधित कबाड़ केंद्रों में वाहनों को रद्द करने से पहले यह जांचा जाएगा कि वाहन मालिक वास्तव में सही है या नहीं। इसके लिए ऑनर बुक, आधार कार्ड से लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों तक की मदद ली जाएगी।राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा रिकॉर्ड की जाँच की जाएगी और साथ ही स्थानीय पुलिस द्वारा चुराए गए वाहन रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। कबाड़ केंद्रों पर निस्तारित किए गए वाहनों के अभिलेख कम से कम छह माह तक सुरक्षित रखे जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *