बिहार में जमीन के  खरीद-बिक्री को लेकर  एक बड़ी खबर सामने आई है ।  बिहार सरकार ने मॉडल दस्तावेज से रजिस्ट्रेशन का आदेश वापस ले लिया है । अब आप जमीन की खरीद और बिक्री के लिए मॉडल डीड के साथ-साथ पुराने डीड का उपयोग भी  कर सकेंगे। पिछले दिनों बिहार सरकार ने एक सितंबर से पटना, दानापुर, फुलवारीशरीफ, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में  शत-प्रतिशत मॉडल डीड के साथ पंजीकरण के आदेश जारी किए हैं ।

 

#  तत्काल प्रभाव से वापस 

सरकार की ओर से आदेश को वापस लिया जा चुका है । मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का नोटिस जारी किया है।  अब आज यानि गुरुवार से भूमि का निबंधन मॉडल डीड के साथ-साथ सामान्य डीड के आधार पर होगा।

 

#  मॉडल डीड से  नाराज कातिबों…….

विभाग के निबंधन महानिरीक्षक बी कार्तिकेय धनजी ने अपने 19 जुलाई के आदेश को वापस लेने के लिए एक पत्र लिखा है। इधर, कातिबों का तर्क है कि आम लोग  बिना उनकी मदद के मॉडल डीड पर भूमि के विवरण को सही ढंग से दर्ज नहीं कर पाते हैं। उनका कहना है कि जब निबंधन विभाग ने कातिबों को   लाइसेंस दे दिया है तो उन्हें जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया से कैसे  बाहर किया जा सकता है।

 

#   लाइसेंस नंबर लेकर विवाद……

ध्यान देने वाली बात यह है कि राज्य में 16,500 लाइसेंसी और लगभग 42,000 बिना लाइसेंस वाले राइटर हैं। कातिब संघ का कहना है कि वे जो भी डीड तैयार करते हैं उसका लाइसेंस नंबर होता है।अगर आगे चलकर कोई भी गड़बड़ी होती है  तो उन्हें आसानी से पकड़ा जा सकता है।  ऐसी कोई भी व्यवस्था मॉडल डीड में नहीं  है।

 

#   हाइकोर्ट में  दाखिल की गई याचिका……

दरअसल आज से राजधानी पटना में मॉडल डीड के जरिए रजिस्ट्रेशन होना था । निबंधन विभाग के पिछले आदेश के अनुसार एक सितंबर तक पांच जिलों में शत प्रतिशत मॉडल डीड के आधार पर ही जमीन का निबंधन प्रभावी होना था। रजिस्ट्री विभाग के इस आदेश के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में कातिब संघ ने याचिका दाखिल की है।

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