केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को नियंत्रण में लाने के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं उन्हीं में से एक की चर्चा हम आज करने जा रहे है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए बयान का खुलासा कुछ दिनों पूर्व ही हुआ जिसमें उनके द्वारा कार की पिछली सीट पर बैठने वालों का सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य बताया गया। इस नए नियम की घोषणा के बाद जहां एक तरफ कई शहरों में इसको लेकर सख्ती शुरू कर दी गई वहीं दूसरी तरफ बिहार में भी इसको लेकर जल्द ही सख्त कदम उठाने के बारे में सोचा जा रहा है। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि पुरानी कारों में पीछे की सीट पर सीट बेल्ट मौजूद ना होने के कारण शायद कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

 

खबर के अनुसार सबसे ज्यादा सीट बेल्ट को लेकर सख़्ति राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजमार्ग पर की जाएगी । यह निर्देश लगभग सभी जिलों के परिवहन पदाधिकारियों को परिवहन विभाग में हुई समीक्षा बैठक के बाद दिए गए हैं, जिसका पालन शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी करवाया जाना है।

# वर्तमान में आगे की सीटों पर बैठने वालों की होगी जांच____

परिवहन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जब तक पीछे की सीट पर बैठने वालों को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सिर्फ आगे की सीट वालों की ही जांच की जाएगी। केंद्र की तरफ से पीछे की सीटों पर बैठने वालों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर गाइडलाइन जारी होते ही बिहार में भी इसे लागू कर दिया जाएगा ।

अगर बात करें दंड की तो इस नियम के उल्लंघन पर दंड के तौर पर लोगों का चालान काटा जाएगा एवं जिनके द्वारा यह गलती दोहराई जाएगी उनके ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा इस कार्यवाही में पूरा सहयोग किया जाएगा।

# नई गाड़ियों में पीछे की सीट पर भी सीट बेल्ट की सुविधा उपलब्ध___

नई गाडिय़ों में पीछे की सीट बेल्ट लगाने की व्यवस्था है, लेकिन कई पुरानी गाडिय़ों में यह सुविधा नहीं है। इस बाबत पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि नई गाइलाइन आने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो संबंधित गाडिय़ों की एजेंसी के माध्यम से पीछे भी सीट बेल्ट लगाया जायेगा।

 

# लोगों को जागरूक करने की क्या है योजना___

बिहार सरकार द्वारा लोगों को जागरूक करने के काम में बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण भी अभियान चलाकर उनकी सहायता करेगा । इस अभियान के तहत लोगों को पीछे की सीट पर भी सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, यह शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी किया जाएगा। इसके अलावा एक शॉर्ट फिल्म बनाकर इंटरनेट पर अपलोड करवाई जाएगी, जिसमें पीछे बैठने वाले लोगों को भी सीट बेल्ट लगाने को लेकर जागरूक किया जाएगा।

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