बिहार में जमीन संबंधी समस्या लोगों की एक बड़ी समस्या है, इससे निपटने के लिए बिहार सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं। आज विभागीय समीक्षा बैठक में मौजूद बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री इसके अलावा अपर मुख्य सचिव निदेशक संयुक्त सचिव आप्त सचिव तथा विभाग के उप सचिव एवं अन्य अधिकारियों ने यह निर्णय जारी किया है कि बिहार में मुख्यालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया गया।

 

जिन का कार्य खराब प्रदर्शन करने वाले सीओ की सूची बनाना तथा उनके खिलाफ कार्यवाही करना, खासकर वैसे सीओ जिन्होंने सबसे ज्यादा आवेदन रद्द किए हैं तथा अधिक दिनों तक आम जनता के मामले को लटका कर के रखा है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर अंचल स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा अगर कोई जमीन संबंधी गलती होती है तो इसकी सजा भूमि सुधार उप समाहर्ता जिसको हम डीएसएलआर के नाम से जानते हैं तथा अपर समाहर्ता जिसे हम एडीएम के नाम से जानते हैं इन्हें भुगतनी होगी।

 

इस बैठक के दौरान सभी सीओ को यह आदेश दिया गया है कि कंप्यूटराइज्ड जमाबंदी की गड़बड़ी को 1 मार्च से पहले जरूर दूर कर ले, अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन पर कार्यवाही तय की गई है। बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य भी बहुत तेजी से चल रहा है। ईस काम के लिए साल 2019 में रिक्तियों के लिए विज्ञापन निकाला गया था, मंत्री ने इस बात की जानकारी लेते हुए कहा कि जल्द से जल्द उन ढाई हजार पदों को पूरा किया जाए, ताकि दूसरे चरण का भूमि सर्वेक्षण में और तेज़ी आ सके।

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