बिहार में भूमि सर्वेक्षण का दूसरा चरण शुरू हो चुका है इस दौरान सर्वेक्षण कर रहे अधिकारियों के समक्ष कई प्रकार की समस्याएं निकल कर सामने आ रही हैं। उन समस्याओं में कुछ समस्याएं ऐसी हैं जैसे जमीन मालिक या रैयत के पास जमीन तो है लेकिन उसके दस्तावेज रैयतधारी के पास उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा ऐसी जमीन यहां पर मेड़ नहीं है, वहां मुस्तकिल खोज कर मापी करना है सरकारी अमीनो के लिए एक बहुत ही बड़ा चैलेंज बना हुआ है।

 

ऐसे में अधिकारियों ने इन समस्याओं से निपटने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन की मांग की गई है इसके अलावा अधिकारियों ने पीटीएस ऑपरेटरों की संख्या भी बढ़ाने की मांग की है। बिहार सरकार द्वारा जारी अधिसूचना बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त को समझाने के लिए किया गया है। इस अधिसूचना में यह जानकारी जारी की गई है कि,

 

इस विशेष सर्वेक्षण के अंतर्गत सभी जमीनो के रैयतधारियों के ज़मीन का खतियान तथा प्रत्येक जमीन मालिक के सभी जमीनों का मानचित्र वर्तमान परिस्थिति के अनुसार तैयार किया जा रहा है, इसके बाद बंदोबस्त की प्रक्रिया आरंभ होगी, इस प्रक्रिया में सभी जमीनों के प्रकृति एवं उपयोग के अनुसार भू लगान का निर्धारण किया जाएगा। विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम 2011 के आधार पर फिलहाल सर्वे किया जा रहा है इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य आधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से डिजिटाइज्ड ऑनलाइन खतियान भू नक्शा आदि तैयार किया जाना है।

 

ताकि किसी भी जमीन की जानकारी निकालने के लिए पहले की तरह कार्यालयों का चक्कर न काटना पड़े, कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन घर बैठे जमीन से संबंधित जानकारी अथवा भूमि नक्शा खतियान इन सुविधाओं का आनंद उठा सकें।

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