बुधवार, दिसम्बर 8

बिहार के सभी जिलों के DM, SP एवं SSP को मिला निर्देश, बसवालो के इस गलती पर शख्त कार्यवाही

लॉकडाउन के चलते बिहार में दो महीने से बंद बसों का परिचालन सोमवार से शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के अनलॉक-1 के दिशा-निर्देशों के बाद क्राइसिस मैंनेजमेंट ग्रुप की बैठक में रविवार को इसका निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था लागू कराने के लिए सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को निर्देश दे दिया गया है। परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि बसों एवं सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का परिचालन एक सीट एक व्यक्ति के सिद्धांत पर किया जा रहा है। राज्य में ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, ओला एवं उबर का परिचालन कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर होना है। भाड़े में भी वृद्धि नहीं होगी। लॉकडाउन से पहले का भाड़ा ही मान्य रखा गया है। यात्रियों, जिला प्रशासन, वाहन मालिकों, कंडक्टरों एवं चालकों के लिए गाइडलाइन भी तय कर दी गई है।

जितनी सीट, उतने ही यात्री

वाहन मालिकों को निर्देश दिया गया है कि जितनी सीटें होंगी, यात्री भी उतने ही बिठाने होंगे। एक भी ज्यादा यात्री रहने पर कार्रवाई होगी। गाड़ी को प्रतिदिन धुलवाने, साफ-सुथरा रखने एवं प्रत्येक ट्रिप के बाद सैनिटाइज कराना है। ड्राइवरों एवं कंडक्टरों को साफ कपड़े, मास्क एवं ग्लब्स पहनने होंगे। वाहनों के अंदर एवं बाहर संक्रमण से बचाव के उपायों से संबंधित पोस्टर, स्टिकर लगवाने होंगे। कोरोना सं बचाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए पंपलेट यात्रियों के बीच बांटने हैं। गाड़ी में चढ़ते-उतरते वक्त फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। गाड़ी में सैनिटाइजर रखना होगा।

ज्यादा किराया लिया तो होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन की जिम्मेवारी होगी कि बस एवं टैक्सी स्टैंडों में दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती करे, जो यह देखेगा कि फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं सफाई संबंधी व्यवस्था का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं। सीटों से ज्यादा यात्री बैठाने या ज्यादा किराया लेने पर कार्रवाई होगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *