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पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिहार में एक बेहतरीन रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है जिससे कई जिलों के रेल यात्रियों को बड़ी सहूलियत प्रदान होगी। हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरपुर से बाल्मीकि नगर रेलवे लाइन की पूर्व मध्य रेलवे द्वारा दोहरीकरण के साथ-साथ आवाम परिवर्तन समेत कई परियोजनाओं पर बहुत ही तेजी से कार्य किया जा रहा है।

पूर्व मध्य रेल के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सकरी-निर्मली तथा झंझारपुर-लौकहा बाजार (94 किमी.) एवं सहरसा-फारबिसगंज (111 किमी) मिलाकर लगभग 2 किलोमीटर लंबे इस रूट का आवाम परिवर्तन किया जा रहा है। खर्च की बात की जाए तो इस योजना पर लगभग 1471 करो रूप है खर्च किए जाने का अनुमान है।

सकरी-निर्मली तथा झंझारपुर-लौकहा बाजार (94 किमी.) इस परियोजना में सकरी-मंडन मिश्र हाल्ट (11 किमी), मंडन मिश्र हाल्ट-झंझारपुर (09 किमी), झंझारपुर-तमुरिया (09 किमी) का कार्य पूरा किया जा चुका है। अगला सहरसा-फारबिसगंज (111 KM) के आमान परिवर्तन परियोजना का कार्य अब तक सहरसा- गढ़बरूआरी (16 किमी), गढ़बरूआरी-सुपौल (11 किमी), सुपौल-सरायगढ़ (25 किमी), सरायगढ़-राघोपुर (11 किमी) एवं राघोपुर-ललितग्राम (20 किमी) रेलखंड सहित अब तक कुल 83 किमी आमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर लिया गया है।

इस परियोजना से फारबिसगंज तक रेल कनेक्टिविटी बहाल हो जाएगी इसका सबसे बड़ा फायदा जोगबनी कटिहार और गुवाहाटी से कोसी से मिथिला का सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। या यू कहे तो जोगबनी कटिहार और गुवाहाटी से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। इसका एक और सबसे बड़ा फ़ायदा दरभंगा एवं सहरसा क्षेत्र के लोगों को मिलेगा, इस परियोजना के पूरे होने से झंझारपुर निर्मली रूट की ट्रेन है कोसी रेल महासेतु सरायगढ़ और राघोपुर होते हुए फारबिसगंज पहुंच जाएगी, जिससे दरभंगा क्षेत्र के लोगों को गुवाहाटी जाने के लिए एक और वैकल्पिक रेल मार्ग का विकल्प मिल जाएगा।

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