बिजली चोरी को रोकने और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए थे, परंतु बिजली चोरी के मामले सामने आज भी सामने आ रहे हैं। हालाकि अब तक 2 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके बाद भी उपभोगक्ताओं का मीटर को छेड़ना नही कम हो रहा है जिसके बाबत इस नई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा जिसके द्वारा पता चल जाएगा मीटर को छेड़ा गया है।

 

 

जी हां, अगर अब मीटर को छेड़ा या फिर बिजली चोरी करने की कोशिश की तो , इसकी जानकारी तुरंत बिजली कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी टीम घर सीधे पहुंचेगी और कार्रवाई करेगी। बता देंगे तकरीबन 20 स्थानों पर मीटर से बायपास कर बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं और कंपनी ने कार्रवाई कर ऐसे उपभोक्ताओं को पकड़ा भी इसके अलावा पिछले दिनों पटना के फुलवारी शरीफ में भी कर्रवाई की गई थी।

 

 

सूत्रों की यदि माने तो मीटर में छेड़छाड़ के लिए इसे खोलना आसान नहीं होता है इसके बाद भी उपभोक्ता मीटर को छेड़ने या फिर खोलने का प्रयत्न करते हैं। हालाकि इसको पैक करने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल वर्तमान समय में किया गया है। जिससे इसकी जानकारी कंपनी को अपने आप मिल जाए ।

 

और इस तकनीक के द्वारा बिजली कंपनी जांच और छापेमारी आसानी से कर पाती है, बता दें स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ही हर रोज बिजली कितनी खर्च हो रही है। इस बात की जानकारी मिल जाती है। उनके लिए बिजली खर्च का प्रबंध और नियंत्रण आसान हो जाता है। वहीं दूसरी ओर बात करें तो बिजली कंपनी की तो कंपनी को सही वक्त पर राजस्व मिलता है और राज्य में तकरीबन 70 लाख बिजली उपभोक्ता बिजली इस्तेमाल कर रहें हैं जिनमें से पहले चरण में अगस्त की 2022 तक 30.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का प्लान बनाया गया है।

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