भारत समेत पूरे विश्व में कोरोनावायरस का कोहराम हर जगह मचा हुआ है। सभी न्यूज़ चैनल सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया सभी जगहों पर सिर्फ और सिर्फ कोरोनावायरस के नए मामले और लोगों के मृत्यु की खबरें दौड़ रही है। हालांकि इन खबरों का कुछ दुष्परिणाम भी हो रहा है जैसे जो भी व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित हैं, और उनका इलाज किसी अस्पताल में चल रहा है वैसे व्यक्ति इन खबरों को देखकर और अधिक चिंतित हो जा रहे हैं। जिससे कुछ लोग दिल का दौरा एवं, अधिक चिंतन करने से हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं।

 

 

हम आपको आज एक ऐसी महिला की कहानी साझा कर रहे हैं जिनकी उम्र 46 साल है। और उनका नाम भगवती देवी है, यह बिहार के बांका जिले के अमरपुर गांव की निवासी है। भगवती देवी का पिछले महीने 22 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने की वजह से परिवारवालों ने कोरोना की जाँच कराई। जांच में कोरोनावायरस से संक्रमित पाए जाने पर पूरे परिवार में मातम छा गया, भगवती देवी को टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में बने कोविड सेंटर में इलाज शुरू किया गया।

 

 

इलाज के दौरान 4 दिनों तक भगवती देवी के स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार का सुधार देखने को नहीं मिला, जिससे परिवार के सभी सदस्यों की चिंता पूरी तरह बढ़ गई। लेकिन कोविड-19 शिविर में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ नीरज गुप्ता और उनकी पूरी टीम ने भगवती देवी का लगातार देखभाल किया, और पूरी टीम लगातार हौसला अफजाई करती रही । जिसका नतीजा यह हुआ कि सातवें दिन से महिला के सेहत में जबरदस्त सुधार देखने को मिला। 12 दिन पूरा होते होते ही महिला पूरी तरह से स्वस्थ हो गई, और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अभी महिला अपने परिवार बच्चों के साथ बिल्कुल खुशी से रह रही हैं।

 

 

जाते-जाते भगवती देवी ने कहा किकोरोनावायरस से इस जंग को जीतने में मैं चिकित्सकों की शुक्रगुजार हूं। कोरोनावायरस का अब तक कोई सटीक इलाज नहीं ढूंढा जा सका है, लेकिन चिकित्सक एवं पूरी टीम के हौसले के वजह से मैंने कोरोना से जंग जीत लिया। सब का बहुत-बहुत धन्यवाद साथ-साथ उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के दौरान मुझे दवाइयां और भोजन भी समय पर मिलता था। डॉक्टर के बताए नियमों का मैंने पूरी तरह से पालन किया इलाज के दौरान मुझे थोड़ा भी महसूस नहीं हुआ कि मुझे कोरोना हुआ है । मुझे डॉक्टर और परिवार से पूरा सपोर्ट मिला, जिसके वजह से मुझे हिम्मत आई और मैंने कोरोनावायरस से जंग जीत लिया।

 

 

आप सभी पाठकों से अनुरोध है कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर डरे नहीं बल्कि पूरी हिम्मत से काम ले। अगर आपके परिवार में किसी सदस्य का रिपोर्ट पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे पूरी तरह से सपोर्ट करें लगातार मोबाइल के माध्यम से बातचीत करते रहें, एवं हौसला अफजाई करते रहे।इसके साथ साथ सरकार द्वारा निर्धारित कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.