सोमवार, नवम्बर 29

बिहारी छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, कॉल करें बताये समस्या मिलेगा हर संभव समाधान

बिहार सरकार कोटा में फंसे बिहारी छात्रों को लॉकडाउन के दौरान वापस बुलाने के पक्ष में नहीं है। उधर, कोटा में फंसे बिहार सहत कई राज्‍यों के छात्र घर वाससी की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। इस बीच सरकार ने राज्‍य के बाहर फंसे छात्रों के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की देखरेख में एक डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है।

लैंडलाइन फोन नंबर 0612-2294600 पर संपर्क करें छात्र

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि लैंडलाइन फोन नंबर 0612-2294600 पर बाहर फंसा कोई भी छात्र अपनी समस्या बता सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग उक्त उसके समाधान के लिए काम करेगा। इस नंबर पर छात्राें के फोन लगातार आ रहे हैं। गुरुवार रात तक इस हेल्पलाइन नंबर पर दो सौ से अधिक छात्रों ने अपनी समस्याएं बतायीं थीं।

हेल्पलाइन नंबर पर आ रहे कॉल की हो रही मॉनीटरिंग

हेल्पलाइन नंबर पर आ रहे कॉल की मॉनीटरिंग की जा रही है। बड़ी संख्या में कोटा और विशाखापट्टनम से फोन आ रहे हैैं। छात्र मुख्य रूप से भोजन की समस्या से जुड़ी बात कर रहे हैं। कई लोगों ने वहां से वापस पटना लाने की बात भी की है। आपदा प्रबंधन विभाग छात्रों के भोजन व स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे मेंं संबंधित राज्यों के प्रतिनिधि से बात कर उनका निदान कर रहा है।

छात्रों को लॉकडाउन तक बुलाने के पक्ष में नहीं सरकार

इस बीच कोटा सहित अन्‍य जगहों पर फंसे छात्रों को वापस बुलाने को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका पर कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। गुरुवार को राज्‍य सरकार ने कोर्ट में दाखिल जवाब में स्‍पष्‍ट कर दिया कि वह लॉकडाउन तक छात्रों को वापस बुलाने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने छात्रों की समस्‍याओं का समाधान उनके रहने की जगह पर ही करने की बात कही है। आपदा प्रबंधन विभाग की देखरेख में जारी हेल्‍पलाइन नंबर इसी की कड़ी है।

कोटा में अनशन पर बैठे दूसरे राज्‍यों के परेशान छात्र

उधर, कोटा में फंसे बिहार सहित कई राज्‍यों के हजारों परेशान छात्र वहां विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि जब अन्‍य राज्यों की सरकारें अपने छात्रों को बुला रही हैं तो बिहार में ऐसी क्‍या मजबूरी है कि उन्‍हें नहीं बलाया जा सकता? वे छात्र गुरुवार से वहां अनशन पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।