बुधवार, दिसम्बर 8

बिहारीयो को लेकर चली स्पेशल ट्रेन, आज पहुंचेगा दानापुर, लगभग 1200 यात्रियों को लेकर चली

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण राजस्‍थान में फंसे बिहारी कामगारों को लेकर ‘जयपुर-दानापुर श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन’ देर रात जयपुर से चली। ट्रेन शनिवार को दोपहर बाद दानापुर (पटना) पहुंचेगी। विदित हो कि केंद्र सरकार ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के स्‍पेशल ट्रेन के प्रस्‍ताव पर सहमति दी, जिसके बाद यह ट्रेन चलाई गई। ऐसी ही एक और ट्रेन कोटा में फंसे बिहारी छात्रों को लेकर आ रही है। लॉकडाउन के कारण देशभर में फंसे बिहार के लोगों के लिए अन्‍य स्‍पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।

विलंब से खुली ट्रेन, पहुचने में विलंब संभावित

राजस्‍थान के जयपुर से जयपुर-दानापुर श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार की रात 10 बजे खुल कर शनिवार 02 मई को दोपहर 12.45 बजे दानापुर (पटना) पहुंचने वाली थी, लेकिन इसके पहुंचने में विलंब संभावित है। ट्रेन करीब दो घंटे विलंब से खुली। इसका कारण नागौर से कामगारों को जयपुर स्टेशन पहुंचाने में विलंब रहा। करीब 1200 कामगार सरकारी बसों में नागौार से जयपुर जंक्शन पुहंचाए गए। वहां स्क्रीनिंग के बाद उन्‍हें ट्रेन में जगह दी गई। इन कामगारों ने सरकारी हेल्पलाइन नंबर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था।

नॉर्थ वेस्‍ट रेलवे से पहली श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन

ट्रेन में स्लीपर क्लास के 18 तथा द्वितीय श्रेणी के चार कोच सहित कुल 24 कोच हैं। यह नॉर्थ वेस्‍ट रेलवे से पहली श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन है। राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत पहले से ही केंद्र सरकार से आप्रवासी कामगारों को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन के बाद जब बाहर फंसे आप्रवासियों को घर बुलाने का रास्‍ता साफ हुआ, तब बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उनके लिए स्‍पेशल ट्रेन चलाने की मांग की।

छह स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही भारतीय रेल

विदित हो कि देश भर में शुक्रवार को देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में फंसे कामगारों व छात्रों को घर पहुंचाने के लिए कुछ स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनमें उत्‍तर पूर्वी रेलवे के हिस्से में जयपुर से पटना की यह ट्रेन आई है। भारतीय रेलवे ने छह स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। उनमें लिंगमपल्ली से हटिया, अलुवा से भुवनेश्वरन, नासिक से लखनऊ, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया की ट्रेनें शामिल हैं। कामगारों की लाखों की तादाद को देखते हुए स्‍पेशल ट्रेनें रोजाना चलाई जाएंगी, तभी वे घर पहुंच सकेंंगे।

 

साभार :- जागरण