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परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस वाले अभ्यर्थियों के लिए नई व्यवस्था आज 6 जनवरी से शुरू कर रही है। यह व्यवस्था गोरखपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में लागू हो जाएगा, इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों का अत्यंत आसान हो जाएगा। आमतौर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सबसे पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाना पड़ता है, इसके बाद टेस्ट की तारीख दी जाती है टेस्ट देने के बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक के घर पर पहुंच जाता है। इस दौरान आवेदन करने लर्निंग लाइसेंस लेने टेस्ट देने इन कार्यों के लिए बार-बार परिवहन विभाग के कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है।

 

 

इस नई व्यवस्था से अब नाहीं अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे नाहीं कार्यालय के, इसके अलावा बाय मैट्रिक्स की जो प्रक्रिया होती है उस से भी मुक्ति मिल जाएगी। अब आप घर बैठे अपने लैपटॉप से या जन सुविधा केंद्र में पहुंचकर परिवहन विभाग के पोर्टल सारथी से टेस्ट दे सकते हैं।

 

इस नई व्यवस्था में अब ड्राइविंग लाइसेंस को आप के आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है। इसका मतलब है ड्राइविंग लाइसेंस अप्लाई करते समय आपको वही मोबाइल नंबर देना आवश्यक है जो नंबर आधार कार्ड में रजिस्टर्ड है, क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के दौरान आधार कार्ड वाले मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।

 

इस ओटीपी को डालने के बाद आधार से आपका फोटो मिलान होगा तथा ऑनलाइन हुई विभागीय जांच भी की जाएगी फिर अभ्यार्थी को टेस्ट की अनुमति दी जाएगी। इस टेस्ट में 2 मिनट में 15 सवालों का जवाब देना होगा सभी सवाल बहुविकल्पी होंगे। सबसे जरूरी सूचना यह है कि पास होने के लिए 15 सवालों में 9 सवालों का सही जवाब देना होगा, यह सभी सवाल सड़क सुरक्षा और यातायात नियम से संबंधित पूछे जाएंगे।

 

 

इसमें पास होने के बाद आपको टेस्ट की अनुमति दी जाएगी। ऑनलाइन टेस्ट में पास होने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर टेस्ट की सूचना मिल जाएगी, आपको बता दें कि एक बार आवेदन करने पर एक अभ्यार्थी को तीन बार टेस्ट का मौका दिया जाएगा, इसके बाद भी विफल होने पर दूसरी बार आवेदन करके पर फिर से आपको तीन बार टेस्ट का मौका दिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्ट के लिए आपको अपने वाहन को ले जाकर टेस्ट देना होगा इसके बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दी जाएगी।

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