शहर को साफ सुथरा रखने के लिए केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के अगले चरण में नगर निकायों में कचरा मुक्त मॉडल कॉलोनी बनेगी केंद्रीय शहरी मंत्रालय द्वारा नगर निकाय में ऐसे दो से तीन स्थानों को चिन्हित कर दिया जाएगा, जिसे मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा।

यह मॉडल कॉलोनी पूरी तरह से कचरा मुक्त होगी और निष्पादन का पूरा प्रबंध भी किया जाएगा। यह ओडीएफ प्लस होगी एक बार मॉडल कॉलोनी सफल हो जाने पर  पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा।

 

 

कचरे से उठाया जाएगा फायदा


बता दे स्वच्छता सर्वेक्षण के पहले चरण में गीले कचरे से लाभ खाद तथा कंपोस्ट आदि बनाने के पश्चात अगले चरण में सूखे कचरे के प्रबंधन पर गौर किया जाएगा। इसके लिए नगर निकायों में मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी सेंटर का भी निर्माण होगा। और इस सेंटर पर घरों से निकलने वाले सूखे कचरे को इकट्ठा किया जाएगा इस संग्रह से रिसाइकिल संभव होगी। ऐसे सूखे कचरे को कैटेगरी के हिसाब से छाट कर रखा जाएगा। और इसी सूखे कचरे से नए पदार्थ बना कर बाजार में बेचे जाएंगे।

 

स्वंम सहायता समूह बनेगा भागीदार

शहरी निकायों में साफ-सफाई को सही और बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी मिशन के जरिए स्वयं सहायता समूह तथा सहकारी समिति और वेलफेयर समूह सिलम विकास समितियों के साथ-साथ अन्य को भी जोड़ा जाएगा।

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