वर्तमान के ट्रैफिक नियमों के अनुसार यदि कोई वाहन चालक ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करता है वाहन चालक के लाइसेंस को तीन महीने के लिए कैंसिल कर दिया जाता है. इसका मतलब है कि ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर जुर्माने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस को भी तीन महीने के लिए इनबाउंड कर दिया जाता है. लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाएगा और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लाइसेंस कैंसिल नहीं होगा.

 

 

न्यूज18 की खबर के मुताबिक सड़क परिवहन मंत्रालय इस तरह के ट्रैफिक नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है जिससे सभी वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी. मंत्रालय ने यह प्लान वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए बनाया है. इसे लागू होने के बाद वाहन चालकों को लाइसेंस वापस पाने के लिए चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.

 

 

अभी क्या है नियम?

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद कुछ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस को इनबाउंड करने का भी नियम है. इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए पाया जाता है तो ट्रैफिक पुलिस उसके लाइसेंस को जब्त कर लेते हैं और उसे ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में जमा कर देते हैं जो तीन महीने बाद वापस मिलता है. ऐसे में उन वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है जो दूसरे राज्यों से आते हैं. उन्हें अपना लाइसेंस पाने के लिए वापस उसी राज्य में आना पड़ता है जहां से उनका लाइसेंस जब्त हुआ है.

 

 

बार-बार नियम तोड़ना पड़ सकता है भारी

बता दें कि बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ना आपके लिए भारी पड़ सकता है. परिवहन विभाग ने बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को लेकर एक अहम फैसला किया है. इसके तहत यदि कोई व्यक्ति बार-बार नियम तोड़ते हुए पाया जाता है तो परिवहन विभाग उसके नाम को ‘बदनामों की लिस्ट’ में डाल देगी. रिपोर्ट के अनुसार ट्रैफिक के नए नियमों के मुताबिक नशे में गाड़ी चलाना, तेज गति से वाहन चलाना, खतरनाक ड्राइविंग करना और हेलमेट नहीं पहनने पर ये कदम उठाया जा सकता है.

 

 

इसको लेकर परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ‘नेम एंड शेम’ नाम से एक कैटेगरी बनाने जा रहा है. इसमें उन लोगों का नाम डाला जाएगा जो बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं. हालांकि ऐसे लोगों का नाम तब ही पोर्टल पर डाला जाएगा जब उनका डीएल अयोग्य होने के एक महीने बाद भी इस संबंध में किसी तरह की कोई अपील नहीं करेंगे. एक महीने में अपील न करने पर डीएल को अपने आप निरस्त कर दिया जाएगा और पोर्टल पर जिन लोगों का नाम डाला जाएगा उसका प्रिंट भी ले सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published.