शुक्रवार, दिसम्बर 3

चार लॉकडाउन के बाद तीन फेज में अनलॉक करने का दिशानिर्देश जारी पढ़िए तीनो गाइडलाइन

फेज-1: 8 जून से माॅल-रेस्तरां खुल सकेंगे:- धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां, अन्य हॉस्पिटेलिटी सर्विसेज और शापिंग मॉल 8 जून से खोलने की इजाजत दी गई। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी करेगा।

फेज-2: स्कूल कब खुलेंगे, जुलाई में तय होगा:- जून के हालात की समीक्षा कर जुलाई में तय किया जाएगा कि स्कूल-काॅलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान कब खोले जाएं। इसके लिए राज्यों के साथ-साथ, संस्थानों, अभिभावकों और इनसे जुड़े अन्य लोगों की सलाह ली जाएगी। इसका भी एसओपी जारी होगा।

फेज-3: सिनेमा खुलेंगे, पर तारीख तय नहीं:- दूसरे फेज की समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो, सिनेमा हाॅल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, बार इत्यादि खोलने पर निर्णय होगा। सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन इत्यादि समारोहों पर भी फैसला होगाा। इसकी तारीख अभी तय नहीं।

राज्य के अंदर या दूसरे राज्यों में लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं। राज्य अपने यहां आने वाले या गुजरने वाले लोगों और सामान पर राेक नहीं लगा सकेंगे। आवाजाही के लिए लोगों को किसी पास या मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, यह छूट संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर करेगी।

बुजुर्गों और बच्चों को बेवजह घर से नहीं निकलने की सलाह, देशभर में रात के कर्फ्यू का समय घटा। अब रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक बाहर निकलने पर रोक। मॉर्निंग वॉक कर सकेंगे। 65 पार के बुजुर्गों, गर्भवतियों, बीमार लोगों, 10 साल से छोटे बच्चों को घर में रहने की सलाह। यात्री ट्रेनों और विमान यात्रियों को अभी एसओपी मानना होगा। पैंसेजर ट्रेन, श्रमिक एक्सप्रेस, घरेलू यात्री विमान, विदेश में फंसे भारतीयों इत्यादि को तय एसओपी का पालन करना होगा। नाविकों के आने-जाने की प्रक्रिया एसओपी के मुताबिक चलेगी।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए चार चरणों में 68 दिन चला लॉकडाउन का दौर 1 जून से खत्म हो रहा है। केंद्र सरकार ने अब देश को अनलॉक करने की गाइडलाइंस जारी की हैं। रियायतें बढ़ाने के साथ ही सरकार ने मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग समेत कई ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। लॉकडाउन की पाबंदी 30 जून तक सिर्फ कंटेनमेंट जोन में रहेंगी। इसके बाहर 8 तरह की गतिविधियों के अलावा सभी कार्यों को छूट है। ये 8 गतिविधियां 3 चरणों में अलग-अलग समय पर खुलेंगी। शुरुआत 8 जून से धर्मस्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल्स के साथ होगी। स्कूल-कॉलेज खोलने की तारीख जुलाई में तय होगी। रियायतों पर अंतिम फैसला राज्य करेंगे। राज्य कंटेनमेंट के बाहर भी गतिविधियां रोक सकते हैं।

कंटेनमेंट जाेन का निर्धारण जिला अधिकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अाधार पर कर सकेंगे। कंटेनमेंट जोन में जरूरी गतिविधियों की ही इजाजत रहेगी। हालात काबू करने के लिए दूसरे जोन में आने-जाने की पाबंदी सख्ती से जारी रहेगी। इन जोन में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग गहन तरीके से होगी और प्रत्येक घर की निगरानी की जाएगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को लगता है तो वे कंटेनमेंट जोन के बाहर भी बफर जोन तय कर विभिन्न गतिविधियों पर रोक लगा सकेंगे।

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