बुधवार, दिसम्बर 8

गोरखपुर शहर का ह्रदयस्थली गोलघर अब दिखेगा ऐसा, 48 करोड़ रुपये होंगे खर्च और साथ में

स्मार्ट एंड सेफ सिटी योजना के तहत बेतियाहाता से पुलिस लाइन होते हुए रेलवे बस स्टेशन तक सड़क को स्मार्ट बनाने के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही शहर की हृदयस्थली गोलघर बाजार भी स्मार्ट बनेगा। इस पर 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। गोलघर की दुकानों को लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर एक रंग में रंगा जाएगा। हालांकि एक वर्ष पहले से दुकानदार इस पर काम कर रहे हैं।

यह होंगे कार्य:- एक से दूसरे छोर तक एक समान होगी सड़क की चौड़ाई, अंडरग्राउंड डक्ट बनाए जाएंगे। इससे घरों व दुकानों में कनेक्शन देने के लिए बिजली के तार, गैस व जलापूर्ति की पाइप के लिए सड़क काटनी नहीं पड़ेगी। ड्रेनेज सिस्टम भी अंडरग्राउंड होगा। पैदल यात्रियों के लिए पाथ वे बनेगा। स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। ई रिक्शा और आटो के लिए जगह बनाई जाएगी। दिव्यांगों के लिए दुकानों के सामने रैंप बनाए जाएंगे।

प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। स्मार्ट स्ट्रीट के साथ गोलघर भी स्मार्ट दिखेगा। गोलघर की दुकानें और साइन बोर्ड एक रंग में बनाने का काम व्यापारी कर रहे हैं। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। – सुरेश चंद, चीफ इंजीनियर नगर निगम राजकीय बौद्ध संग्रहालय की वीथिकाओं में मौजूद कलाकृतियों का इतिहास जानने के लिए अब किसी गाइड की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब डिजिटल पर्सनल गाइड एप इसमें आपकी मदद करेगा। मानव गाइड की तैनाती न होने की वजह से संग्रहालय प्रशासन ने विकल्प के रूप में यह एप तैयार कराया है। संग्रहालय के लिए गाइड का पद स्वीकृत ही नहीं है।

इसके एवज में वीथिका सहायक का पद तो है पर बीते छह वर्ष से इस पर किसी की तैनाती नहीं है। ऐसे में वीथिकाओं का अवलोकन करने आने वाले दर्शकों को संग्रहालय प्रशासन गाइड उपलब्ध नहीं करा पाता। कई बार वहां आने वाले दर्शकों में इसे लेकर संग्रहालय प्रशासन की किरकिरी भी हो चुकी है। इस बाबत निदेशालय को कई पत्र लिखने के बाद भी जब वीथिका सहायक की तैनाती नहीं हुई तो संग्रहालय प्रशासन ने इसके लिए डिजिटल गाइड एप तैयार कराया है। जल्द इसके लोकार्पण की तैयारी है।

यह एप संग्रहालय परिसर में आने के बाद ही कार्य करेगा। इसके लिए संग्रहालय में वाई-फाई का इंतजाम भी किया गया है। एंडरॉयड फोन के माध्यम से एक क्लिप में यह एप ऑडियो व वीडियो दोनों माध्यम से दर्शकों को गाइड करेगा और सभी पांच वीथिकाओं में रखे गए आब्जेक्ट (कलाकृतियां, पत्थर, सिक्के आदि) की खूबियां बताएगा। संग्रहालय में करीब 400 आब्जेक्ट हैं। एप में फिलहाल 75 आब्जेक्ट की जानकारी दर्ज की गई है। जल्द ही सभी आब्जेक्ट को इसमें शामिल की संग्रहालय प्रशासन की योजना है।

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