सोमवार, नवम्बर 29

गोरखपुर में मजिस्ट्रेट ने शुरू कराया लैंड बैंक, आप जो भी हो सौपना होगा जमीन

ग्रामसभा की बंजर, परती, चारागाह और खलिहान जैसी सरकारी जमीनें जल्द ही अवैध कब्जों से मुक्त हो जाएंगी। ‘गोरखपुर पहल नामक अभियान के तहत खुली पैमाइश में ऐसी जमीनें न केवल चिन्हित होंगी बल्कि लैंड बैंक के रूप में विकसित भी की जाएंगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने सदर तहसील से इसकी शुरुआत कर दी है। प्रयोग सफल रहा तो इसे पूरे जनपद में लागू किया जाएगा।

सदर तहसील के पिपराइच स्थित ताज पिपरा, अगया और सोनवे गुनरहा गांव में जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के लिए 11 लेखपाल व तीन राजस्व निरीक्षक की टीम गठित कर दी गई है। खतौनी और नक्शा के आधार पर गांव में खुली पैमाइश के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि यहां बंजर, चारागाह, तालाब समेत श्रेणी तीन, चार, पांच, छह नंबर की कितनी जमीनों पर कौन-कौन काबिज है। अतिक्रमण और अवैध कब्जों को खाली कराकर इसका विवरण लैंड बैंक रजिस्टर में दर्ज कराया जाएगा।

इस प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत, ब्लाक और तहसील स्तर पर जमीन का प्रकाशन किया जाएगा। अवैध कब्जा हटाने के बाद जमीन की तारबंदी कराकर स्थानीय लोगों की कमेटी को उसका कस्टोडियन बनाया जाएगा। अगर किसी ने दोबारा यहां कब्जे की कोशिश की तो कमेटी इसकी सूचना जिला प्रशासन को देगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी सदर गौरव सिंह ने यह प्रयोग शामली के ऊन तहसील में किया था, जिसे ‘ऊन पहल का नाम दिया गया था। स्थानीय लोगों की मदद से तीन माह में ही करीब 600 बीघा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त हो गई थी।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि जनसहभागिता से जनस्वामित्व का अभिनव प्रयोग ऊन में बहुत सफल हुआ था। पिपराइच के तीन गांवों में इसकी शुरुआत की गई है। सार्वजनिक संपत्तियों के बेहतर रख-रखाव में लैंड बैंक रजिस्टर कारगर होगा। इसके अलावा भूमि विवाद व जलाशय स्रोत रजिस्टर भी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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