शुक्रवार, दिसम्बर 3

गोरखपुर न्यूज़ 20 लोग गिरफ्तार, 604 वाहनों का काटा चालान वसूले 3 लाख 44 हजार 900 रुपये

लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में बुधवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों से 20 लोग गिरफ्तार किए गए। इनमें से कुछ पान, गुटखा बेचते कुछ लोग सड़क पर अनावश्यक घूमते पकड़े गए हैं।कैंट इलाके से लॉकडाउन तोडऩे के आरोप में पकड़े गए लोगों के हाथ में पुलिस ने ‘मैं समाज का दुश्मन हूं, मैं घर में नहीं रह सकता हूं लिखी तख्तियां पकड़ाकर उनका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। लोगों की आवाजाही रोकने के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर 220 बैरियर लगाए गए थे। दिन भर अभियान में 2473 वाहनों को चेक किया गया। इनमें से 604 वाहनों को चालान कर 3 लाख 44 हजार 900 रुपये जुर्माना वसूल किया गया। चार वाहन सीज किए गए।

 

कैंट पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने और बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखा बेच रहे मुसाफिर खाने के पास से राना सिंह व शकर दयाल राय, जलकल गेट, गोलघर से दिनेश, बेतियाहाता से अतुल कुमार, सिविल लाइंस से लकी, सिंघडिय़ा से झम्मन शर्मा, बेतियाहाता टेलीफोन कालोनी के पास से बृजेश साहनी, सिविल लाइंस से पवन कुमार चौधरी तथा मोहद्दीपुर चारफाटक के पास से तेज प्रकाश को गिरफ्तार किया।

 

तिवारीपुर पुलिस ने अलग-अलग स्थान से रतन यादव, शिवाजी गुप्त, देवेंद्र कुमार सैनी और श्याम कुमार चौरसिया को गिरफ्तार किया है। छह आरोपित ग्रामीण इलाकों से गिरफ्तार किए गए हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर गोरखपुर में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा बेवजह गाड़ी लेकर सड़क पर घूमते मिले 800 लोगों का चालान काटा गया है। रात में एसएसपी ने अधिकारियों के साथ गश्त कर घर से बाहर न निकलने की अपील की। मंगलवार से पुलिस की सख्ती और बढ़ेगी।

 

कंट्रोल रूम से पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए आम लोगों को लॉकडाउन में सहयोग करने की अपील की जाती रही। छह बजे के बाद पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर अभियान चलाकर 800 लोगों की गाड़ी का चालान काटा गया। कैंट, कोतवाली, तिवारीपुर और चौरीचौरा पुलिस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान निर्देश की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई होगी।

 

बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता शहर ई. यूसी वर्मा ने बताया कि बिजली व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों को परिचय पत्र मुहैया करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बिजली फाल्ट में इन कर्मियों की बड़ी भूमिका होती है। ऐसी सूचना मिली है कि उन्हें जगह-जगह रोका गया है और कड़ाई भी की गई है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के जरूरी काम से जुड़े इन कर्मियों को न रोका जाए।

 

ट्रेनों के निरस्तीकरण के साथ ही विभागीय कार्यालयों में वर्क फ्राम होम (घर से काम) सिस्टम लागू हो गया है। मंगलवार को अफसर सिर्फ कुछ सहयोगियों के साथ ही दफ्तर पहुंचे। अधिकतर कार्यालयों में शिफ्ट में कार्य हुआ। रेलकर्मी एक साथ कार्यालय नहीं पहुंचे। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार वर्क फ्राम होम सिस्टम के तहत सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही कर्मचारियों को दफ्तर बुलाएं। इसके लिए सूची तैयार कर लें। अधिकारी अपने सहयोगियों के साथ ही कार्यालय पहुंचेंगे। दफ्तर में जिनकी बहुत आवश्यकता नहीं होगी उन्हें घर पर ही रोक दिया जाएगा।

 

जो रेलकर्मी घर पर रहकर कार्य करेंगे वे सीधे अपने विभागाध्यक्ष से ऑनलाइन होंगे। वे विभागीय कार्य में अपना सहयोग देंगे। आपात स्थिति में कभी भी उन्हें कार्यालय बुलाया जा सकता है। रेलवे स्टेशन पर परिचालन से संबंधित कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मी अपनी सेवाएं देते रहेंगे। हालांकि वर्क फ्राम होम और लाकडाउन को लेकर रेलकर्मियों में उहापोह की स्थिति भी बनी रही। कुछ रेलकर्मी घर पर ही रह गए। कुछ को अधिकारियों ने रोक दिया। कर्मचारी दफ्तर पहुंचने को लेकर आशंकित हैं। उनका कहना है कि जगह-जगह पूछताछ हो रही है। चौराहों पर आवागमन बाधित कर दिया गया है।

 

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