बुधवार, दिसम्बर 8

गोरखपुर डीएम का ताज़ा बयान जारी, इन दुकानों को खोलने की मिलेगी अनुमति, 40 हज़ार लोग आएंगे

लॉकडाउन का तीसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। कोरोना वायरस का फैलाव रोकने के लिए शहर में सख्ती तो पूर्ववत रहेगी ही किसी तरह की नई छूट भी नहीं मिलेगी। आमजन की सहूलियत के लिए कुछ क्षेत्रों में सशर्त छूट मिलेगी, लेकिन इसका दायरा बेहद सीमित होगा। स्थिति सामान्य रही तो छूट का दायरा बढ़ाने पर प्रशासन विचार करेगा।

 

पूर्व की भांति घर पर पहुंचते रहेंगे दूध, फल, सब्जी, किराना के सामान

जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने बताया कि आरेंज जोन में आने वाले गोरखपुर में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई तक लागू रहेगा। इस दौरान दूध, फल, सब्जी, किराना जैसी आवश्यक वस्तुएं पूर्ववत घरों तक पहुंचती रहेंगी।

ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल पर आर्डर भेजकर सामान मंगाया जा सकेगा। गर्मी को देखते हुए पोर्टल पर पंखा, कूलर, एसी आदि सामानों को जोड़ा जाएगा। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए निर्माण से संबंधित सरिया, सीमेंट, गिट्टी व मोरंग आदि की दुकानों को खोलने की सशर्त अनुमति दी जाएगी। कृषि कार्य के लिए जारी छूट बरकरार रहेगी। डीएम ने बताया कि जिले में कोरोना के तीन मरीज हैं, इस दौरान अगर वह ठीक हो गए और नए केस नहीं मिले तो बाजार में छूट बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

 

 

दोबारा नहीं बनवाना होगा पास

लॉकडाउन-थ्री के लिए दोबारा पास नहीं बनवाना पड़ेगा। मैनुअल और ई-पास की अवधि स्वत: 17 मई तक बढ़ी मान ली जाएगी। जिन्हेंं दो दिन के लिए पास जारी किया गया था, उन्हेंं दोबारा ई-पास बनवाना होगा।

मीडिया व समाचारपत्र विक्रेताओं पर रोक नहीं

मीडियाकर्मी व समाचार पत्र वितरण करने वाले कर्मयोगी पूर्व की भांति परिचय पत्र दिखाकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्हें पास की जरूरत नहीं होगी। मास्क और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन उन्हें भी करना होगा।

 

 

लॉकडाउन-3 में सबकुछ लॉकडाउन-2 की तरह रहेगा। किसी भी तरह की नई सुविधा या छूट नहीं मिलेगी। पड़ोसी जिलों में कई नए केस मिले हैं। नई छूट देकर हम खतरा मोल नहीं ले सकते। ऐसे में लोगों का घरों में रहना जरूरी है। अपने जनपद में अभी 40 हजार लोग आने बाकी हैं। बाहर से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उनके मोबाइल में आरोग्य एप इंस्टाल कराकर उन्हेंं क्वारंटाइन किया जाएगा। जनता से अपील है कि 17 मई तक धैर्य बनाएं रखें। – के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *