गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा )  कोरोना के बढ़ते संक्रमण और दूसरी लहार ने देश जो जकझोर के रख दिया है, जंहा एक तरफ पूरे देश मे हालात बेकाबू होती जा रही है वही दूसरी  तरफ उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में मरीजों को वेंटिलेटर बेड तक उपलब्ध नही हो पा रहा है, फिलहाल सरकार कुछ कहने की स्थिति में नही है और न ही आगे कितनी स्थिति खराब होगी इसका अनुमान लगा पा रही है..

 

 

रोजाना 4-5 गम्भीर रोगी लौटाए जा रहे।

जानकारी के अनुसार बाबा राघव दास मेडिकल कालेज से रोज चार-पांच गंभीर मरीज लौटाए जा रहे हैं। 150 बेड पर वेंटीलेटर हैं, सभी फुल हैं।  न तो सामान्य बेड खाली हैं और न ही वेंटीलेटर वाले। 90 बेड के वार्ड में 22 पर वेंटिलेटर की सुविधा है। बांबे हास्पिटल में 10 बेड पर वेंटिलेटर हैं, सभी फुल हो चुके हैं। फातिमा में भी सभी बेड फुल हैं। बता दें  गोरखपुर में कोरोना के मरीजों की संख्‍या लगातार  बेकाबू होती जा रही है  पिछले साल की अपेक्षा इस साल मरीजों की संख्‍या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।

 

जरूरत पड़ने पर मंगाए जाएंगे वेंटिलेटर..

 

CMO डॉ. सुधाकर पांडेय से बात करने पर बताया  इलाज के अभाव में किसी रोगी की मौत न हो ये प्रशासन का प्रथम प्रयास है, साथ ही नए वेंटिलेटर मंगवाने के प्रयास चल रहे है जिन जिन सरकारी, निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी महसूस की जा रही है शीघ्र ही वँहा नए वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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