गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर 13 में स्थित अन्नपूर्णा एयर गैसेज आक्सीजन प्लांट का रविवार को मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर, जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन तथा मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने निरीक्षण किया। खराबी के कारण बंद प्लांट में सोमवार को फिर से सिलिंडर की रीफिलिंग की जाएगी। यहां से बड़हलगंज में स्थापित दो नए अस्पतालों में आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों ने दावा किया कि जून तक जिले में 15 आक्सीजन प्लांट संचालित होने लगेंगे, जिनसे प्रतिदिन करीब 15 हजार सिलिंडर भरे जाएंगे।

 

 

कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए प्रशासन कोविड अस्पतालों के साथ ही आक्सीजन की व्यवस्था करने में जुटा है। रविवार को गीडा पहुंचे अधिकारियों ने अन्नपूर्णा गैसेज का निरीक्षण किया। वहां मशीनों की मरम्मत चल रही थी। संचालक विवेक गुप्ता ने बताया कि 125 सिलिंडर भरने के बाद खराबी आ गई, जिसे ठीक करके सोमवार से प्रतिदिन 700 सिलिंडर की रीफिलिंग की जाएगी। मंडलायुक्त ने बताया कि शुरुआत में दो हजार सिलिंडर की रीफिलिंग होती थी, लेकिन अब आठ हजार आक्सीजन सिलिंडर भरे जा रहे हैं। केवल गोरखपुर में वर्तमान में कोविड के लिए 1800 बेड तैयार हैं।

 

 

 

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में आक्सीजन प्लांटों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जून तक 15 प्लांट स्थापित होंगे, जिनसे 15 हजार सिलिंडर रोज भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 25 जिलों में गीडा से आक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। इस दौरान एसडीएम सुरेश कुमार राय, उपायुक्त औषधि एजाज अहमद, ¨वग कमांडर किरण कोकट, चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी आदि उपस्थित रहे।

 

 

जिले के अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने की योजना मूर्त रूप लेने जा रही है। एक आक्सीजन प्लांट रविवार को गोरखपुर पहुंच गया। उम्मीद जताई जा रही है कि इसे नंदानगर स्थित टीबी अस्पताल में स्थापित किया जाएगा। इससे हवा से आक्सीजन तैयार हो सकेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को एक आक्सीजन प्लांट आ गया है। इसे जल्द ही स्थापित किया जाएगा। जल्द ही और भी आक्सीजन प्लांट लाए जाएंगे।

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