सोमवार, नवम्बर 29

गोरखपुरवासियो के लिए खुशखबरी, बस से यात्रा करने वाले लोगो के लिए अच्छी खबर

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बनने जा रहे गोरखपुर डिपो के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्माण होने तक कहां शिफ्ट होगा अभी तय नहीं हो पाया है। आलमबाग की तर्ज पर बनने जा रहे रेलवे बस डिपो को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है। आश्‍चर्यजनक बात यह है कि तीन स्‍थानों को देख लेने के बाद अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका, सिर्फ कवायद चल रही है।

हालांकि डिपो प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई गई बगल की खाली जमीन से संचालित होगा या नौसढ़ में नवनिर्मित बस स्टेशन से, इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। उधर रोडवेज प्रशासन का कहना है कि अगर निर्माण एजेंसी का सहयोग मिला तो कार्य के दौरान आधी जगह से भी बसों का संचालन किया जा सकता है।

 

 

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बनने जा रहे गोरखपुर डिपो के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए प्राइवेट पार्टनर आमंत्रित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर डिपो के पास लखनऊ के आलमबाग से लगभग डेढ़ गुना भूमि अधिक है। ऐसे में यह डिपो उससे भी बेहतर होगा, जहां सभी तरह की उ’चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस संबंध में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीवी सिंह ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उसके पहले डिपो के अस्थाई स्थानांतरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। यह कहां जाएगा इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

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