कोरोना संक्रमित से जुड़े लक्षण वाले मरीजों के लिए –

बिहार,( कुलसूम फात्मा )  कोरोना के लक्ष्ण जाहिर होते ही लोग घबरा जाते हैं, हालांकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम अच्छा होता है, लेकिन घबराहट से ही उनकी मृत्यु हो जाती है जिनमें से गोरखपुर के खूनीपुर निवासी एक व्यापारी को कोरोना संक्रमण हो गया। उसके बाद उसने खुद को घर में ही आइसोलेट कर लिया। डॉक्टर ने उस व्यक्ति को दवाओं के संबंध में बताया साथ ही प्लस ऑक्सीमीटर से हाथ की तर्जनी में जाच के लिए कहा व्यक्ति ने खड़े-खड़े ही ऑक्सीमीटर लगा दिया। रीडिंग देखकर उसे बेहद चक्कर आने लगा और डॉक्टर को फोन किया। आक्सीजन का लेवल तब 90 हो गया था। डॉक्टर भी यह सुनकर घबराया और डॉक्टर ने कहा बैठकर फिर से चेक करें।

 

इस बार लेवल 96 था तब लोगों को राहत की सांस आई और यह इलाज में वरदान बना। प्लस ऑक्सीमीटर थोड़ी सी नासमझी के कारण जान ले सकता है। जांच का तरीका ना मालूम होने से व्यक्ति घबरा जाएगा और कोरोना संक्रमित है परेशान हो जा रहा है। इसलिए ऑक्सीमीटर के द्वारा किस प्रकार से जांच की जाएगी, इसकी जानकारी होना आवश्यक है।

 

 

ऐसे होगी जॉच –

सर्वप्रथम कुर्सी पर बैठ जाए।
उसके बाद हाथ के बीच वाली उंगली में प्लस ऑक्सीमीटर लगाएं।
95 से यदि ज्यादा ऑक्सीजन का लेवल है तो अच्छा है और 95 से कम ऑक्सीजन का लेवल आ रहा है तो एक-एक कर हाथ की सभी उंगलियों में ऑक्सीमीटर लगाएं। जिस उंगली में ऑक्सीजन का लेवल अधिक है, उसे ही सही माना जाएगा। पहले डाक्टर और हार्ट अटैक,
निमोनिया वाले मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन के लेवल की जांच करते थे परंतु वर्तमान समय में डॉक्टर खासी तथा सांस लेने में दिक्कत होने पर प्रत्येक मरीज को जांच की सलाह दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.