सोमवार, नवम्बर 29

कल 9 जनवरी को सीएम नितीश आ रहे भागलपुर, शहर को मिलेगा 584 करोड़ का ये शानदार सौगात

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नौ जनवरी को भुलनी के चाड़ा बड़गांव में 583.96 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन और शिलान्यास के लिए 186 योजनाओं का चयन किया गया है। सीएम 153.62 करोड़ रुपये की 136 योजनाओं का शिलान्यास और 430.33 करोड़ रुपये की 50 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। योजनाओं का शिलापट्ट तैयार किया जा रहा है।  उद्घाटन से संबंधित योजनाओं में भवन निर्माण विभाग का समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष, सुल्तानगंज, जगदीशपुर और गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय में आईटी सेंटर,जगदीशपुर और सन्हौला प्रखंड में सद्भावना मंडप और 245 रेन वाटर हार्वेस्टिंग शामिल हैं। इसके अलावा पीएचईडी (पूर्वी ) के 84 और पीएचईडी (पश्चिमी) के 55 मिनी जलापूर्ति योजनाओं का उद्घाटन होगा।

सीएम के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गयी है। महत्वपूर्ण जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती की गयी है। इसको लेकर डीएम और एसएसपी ने संयुक्त आदेश जारी किया है। डीएम प्रणव कुमार ने बताया कि भुलनी के चाड़ा बड़गांव में निरीक्षण और सम्मेलन स्थल के अलावा हेलिपैड पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती की गयी है। गांव में भी जगह-जगह सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। डीएम ने भुलनी में मंच, दर्शक दीर्घा, बैरिकेडिंग व हैलीपैड का जायजा लिया। वहीं एसएसपी आशीष भारती ने मंगलवार को भूलनी के चाड़ा बड़गांव स्थित कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। उन्होंने मंच निर्माण को लेकर आवश्यक निर्देश दिया। भुलनी पंचायत में मुख्यमंत्री आधुनिक कृषि की कई झलकियां देखेंगे।

17 एकड़ में जीरोटिलेज प्रणाली से तैयार गेहूं का चकला देखेंगे तो समेकित कृषि प्रणाली कार्यशाला और प्रयोगशाला कितनी कारगर है, इसका भी जायजा लेंगे। कृषि विभाग के अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। पहले से भी कई चीजें यहां योजनाबद्ध तरीके से संचालित की जा रही थीं। अब कृषि विभाग के अधिकारी उसे तराशने में जुटे हैं।मुख्यमंत्री भुलनी पंचायत के अंतर्गत तेतरिया गांव में स्ट्रॉबेरी फसल का वह खेत भी देखेंगे, जहां ग्रीन हाउस के बाहर स्ट्रॉबेरी की खेती किसान वैज्ञानिक तरीके से कर रहे हैं। यहां एक बड़े भूभाग में सब्जी की जैविक खेती की जाती है। स्ट्रॉबेरी भी उसी में से एक है। समेकित कृषि प्रणाली में एक तालाब है, जिसके चारों ओर छोटे-छोटे पौधे में आठ-आठ किलो के पपीते लगे हैं तो तालाब के ऊपर मुर्गी पालन हो रहा है। नीचे मछली पालन।

जिला कृषि पदाधिकारी केके झा बताते हैं कि किसानों को प्रेरित कर पहले से वहां कई चीजें करायी जा रही थीं। आधुनिक कृषि प्रणाली से कई फसलें लहलहा रही हैं। जिले में कुछ और जगहों पर किसान इस विधि को अपना रहे हैं। यहां कृषि यांत्रिकरण बैंक योजना के तहत मुख्यमंत्री के दौरे पर विभिन्न समूहों को आठ- आठ लाख रुपये का चेक वितरित किया जाएगा। इन योजनाओं पर वहां पहले से काम चल रहा था। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जीरोटिलेज से जो फसल यहां लगी है, वह अन्य जगहों के लिए उदाहरण है। पूरी तरह से वैज्ञानिक विधि को अपनाया गया है।

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