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कम मजदूरी से जूझ रहे मजदूरों के लिए श्रम संसाधन विभाग में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया जिसके बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिया है और यह अक्टूबर की 1 तारीख से लागू कर दिया जाएगा। मजदूरों की मजदूरी बढ़ने से मजदूरों को राहत मिलेगी।

 

बता दें श्रम संसाधन विभाग ने न्यूनतम मजदूरी की दर में ₹15 तक ,हर रोज बढ़ोत्तरी करने का एजेंडा पूर्ण रूप से तैयार कर लिया है। जिस पर बहुत जल्द आखिरी मुहर लग जाएगी। इसके लिए इस प्रस्ताव को जल्द ही न्यूनतम मजदूरी परामर्श दात्री कमेटी को भेज दिया जाएगा। और कमेटी की स्वीकृति मिलने के पश्चात विभाग अधिसूचना जारी करेगा तथा न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोतरी कर दी जाएगी।

 

अधिकारियों विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सरकारी कर्मियों को सरकार महंगाई भत्ता जो देती है। उसी के तर्ज पर उपभोक्ता सूचकांक के जरिए बनाकर मजदूरों के कम से कम मजदूरी में बढ़ोत्तरी की जाती है। हालांकि केंद्र तथा राज्य सरकार ने अभी कर्मियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की और श्रम संसाधन विभाग ने भी मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी करने हेतु प्रस्ताव पर कार्य शुरू कर दिया है।

 

मजदूरों का वर्गीकरण –
बता दें इस प्रस्ताव में मजदूरों के वर्गीकरण के अनुसार उन को फायदा मिलेगा। आपको बता दें की बिहार राज्य में दोनों का वर्गीकरण श्रेणीयों में बाटा गया है और बिना प्रशिक्षण तथा बिना ट्रेनिंग के यह कार्य करने वाले सभी मजदूरों को अकुशल श्रेणी में रखा गया है। बिना ट्रेनिंग के कुछ वर्ष तक कार्य करने के पश्चात अनुभव रखने वाले मजदूरों को अर्धकुशल कैटेगरी में रखा गया है। वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित मजदूरों को कुशल तथा प्रशिक्षित की श्रेणी में कुछ साल तक कार्य करने वाले सभी मजदूरों को अति कुशल कैटेगरी में रखा गया है।

 

मजदूरों की दैनिक तथा न्यूनतम मजदूरी तय –
उपर्युक्त प्रकार से बिहार राज्य में अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तकरीबन ₹304 प्रतिदिन है। हालांकि यदि देखा जाए तो अर्धकुशल मजदूरों की मज़दूरी ₹316 प्रतिदिन है। वही कुशल मजदूरों की ₹385 प्रतिदिन तथा आतीकुशल मजदूरों की ₹470 प्रति दिन का प्रावधान है और पर्यवेक्षय तथा लिपिकीय कार्य करने वाले मजदूरों को 8703 रुपए महीना तय किया गया है।