गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा )  आपको बता दे  गोरखपुर औधोगिक विकास प्राधिकरण द्वारा फिलहाल कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए इंडस्ट्रियल ऑक्सिजन के उत्पादन पर पूर्ण रोक लगा दी गयी है,

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर इतनी भयावह है कि सरकार को यह कदम उठाना पड़ रहा है, सरकार के इस कदम से उद्योग जगत कितना प्रभावित होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा

 

 

 

सरकार ने कोरोना मरीजों की स्थिति और आवश्यकताओं को देखते हुए केवल मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर के उत्पाद को ही जरूरी समझा है और फैक्ट्रियों में इलेक्ट्रिक इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन सिलेंडर पर रोक लगा दी। और इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन उत्पाद पर रोक लगाने पर तकरीबन जिले के 50 फैक्ट्रियों पर असर पड़ेगा।

 

लोहे की फैक्ट्री में काम आती है ऑक्सिजन –

 

लोहे के कारखानों में लोहे की कटिंग से लेकर वेल्डिंग तक के कार्य मे इंडस्ट्रियल ऑक्सिजन का उपयोग होता है, मोदी के केमिकल्स के निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया  लगभग 50 कारखानों में रोजाना 400 गेस सिलेंडर की आवश्यकता रहती है  इस तरह से गीडा की फैक्ट्रियों से कुछ  छोटे कार्यों में इसकी आपूर्ति होती है। हालांकि बड़ी इकाइयों की बात करें तो बड़ी इकाइयां बाहर से इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन मंगाती है।उपरोक्त स्थिति को देखते हुए लोहे के कारखाने बुरी तरह से प्रभावित होंगे

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