आज का दिन हम सभी लोगों के लिए बड़े ख़ुशी का दिन है क्योंकि आज यानी 30 सितंबर से गोरखपुर से नेपाल सीमा (नौतनवा) तक इलेक्टिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी के बाद लखनऊ मंडल प्रशासन ने ट्रेनों को संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली है। शुरुआत में गोरखपुर के रास्ते चलने वाली छपरा-नौतनवा और नौतनवा-दुर्ग स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनों में इलेक्टिक इंजन लगाए जाएंगे।

 

 

गोरखपुर से नौतनवा के बीच इलेक्टिक इंजन वाली ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने से नेपाल को निर्यात किए जाने वाले आटोमोबाइल्स व अन्य सामानों की ढुलाई आसान हो जाएगी। रेलवे प्रशासन ने नौतनवा स्टेशन का भी कायाकल्प शुरू कर दिया है। साथ ही गोरखपुर में इंजन बदलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। दरअसल, गोरखपुर से आनंदनगर तक करीब 42 किमी रेलमार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो जाने के बाद इलेक्टिक से चलने वाली मालगाड़ियों का संचालन पहले से ही जारी है। अब यात्री ट्रेनों के अलावा मालगाड़ियां भी सीधे नौतनवा पहुंचेगी।

 

 

यहां जान लें कि पिछले सप्ताह रेल संरक्षा आयुक्त ने आनंदनगर से नौतनवा के बीच लगभग 41 किमी रूट पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल किया था। 25000 वोल्ट एसी नई विद्युतकर्षण लाइन, रेल लाइनों, पुलों और कर्व आदि के मानकों को परखने के बाद उन्होंने संतुष्टि भी जताई थी। मार्च तक पूरा हो जाएगा आनंदनगर-गोंडा रूट का विद्युतीकरण: अगले साल मार्च के बाद आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा रेलमार्ग पर भी इलेक्टिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इस रूट पर भी विद्युतीकरण तेज हो गया है।

 

 

फिलहाल, पूवरेत्तर रेलवे में 75 फीसद से अधिक रेलमार्ग का विद्युतीकरण हो चुका है। बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा, गोरखपुर-भटनी-वाराणसी, छपरा-बलिया-वाराणसी और गोरखपुर-नरकटियागंज रूट पर पहले से ही इलेक्टिक इंजन से चलने वाली ट्रेनें फर्राटा भर रही हैं। रेल मंत्रलय ने 2023 तक सभी रेलमार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।पूवरेत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को वाराणसी मंडल के गोरखपुर-छपरा-थावे-कप्तानगंज रेलमार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चौरीचौरा, देवरिया, सीवान, छपरा, मसरख, गोपालगंज, थावे, जलालपुर और पडरौना स्टेशनों पर स्थित यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। स्टेशनों के साइ¨डग में हाईमास्ट लगाने, प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए रैंप का निर्माण कराने, प्लेटफार्मों को ऊंचा करने, लिफ्ट और एस्केलेटर के अलावा साफ-सफाई तथा प्रसाधन केंद्रों को व्यवस्थित करने के लिए निर्देशित किया।

 

 

पडरौना से गोरखपुर वापस आते समय महाप्रबंधक स्पीड ट्रायल कर रेलमार्ग का भी निरीक्षण किया। स्पीड ट्रायल में उनकी ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली। गोरखपुर पहुंचने पर उन्होंने संतुष्टि जताई। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार महाप्रबंधक ने स्पेशल ट्रेन (निरीक्षण यान) के माध्यम से गोरखपुर से चौरीचौरा स्टेशन तक रेलमार्ग का ¨वडो ट्रेलिंग (ट्रेन की पीछे वाली खिड़की से निरीक्षण) किया। चौरीचौरा पहुंचने पर यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। प्लेटफार्म नंबर एक का विस्तार करने तथा स्टेशन की आय बढ़ाने पर जोर दिया। देवरिया स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के अलावा गुड्स शेड का निरीक्षण किया। उपस्थित अधिकारियों के साथ व्यापारियों को आकर्षित करने तथा माल लदान बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सीवान स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं को उन्नत बनाने पर बल दिया।