शुक्रवार, दिसम्बर 3

अच्छी खबर : गोरखपुरवासियो के लिए बड़ी खुशखबरी, सदस्यीय समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां टेक्सटाइल पार्क भी विकसित किया जाना है। इसका प्रस्ताव भी गीडा ने शासन को भेज दिया है। गीडा ने जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रस्ताव यूपीडा के सीईओ को भेजा था। औद्योगिक गलियारे के प्रथम चरण में सहजनवा तहसील के तालनवर एवं भगवानपुर तथा सदर तहसील के बाघागाड़ा गांव में जमीन अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए गठित चार सदस्यीय समिति ने जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इस समिति में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सीईओ, विशेष कार्याधिकारी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सीईओ एवं जिलाधिकारी की ओर से नामित एक अधिकारी शामिल थे। मंगलवार को लखनऊ में हुई समिति की बैठक में जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।

हिन्दुस्तान यूरिया रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के अत्याधुनिक प्लांट में यूरिया का कामर्शियल उत्पादन फरवरी-2021 में शुरू होगा। यूरिया की पैकिंग को लेकर प्लास्टिक के बोरों की जरूरत होगी। वर्ष 1969 में जब खाद कारखाना की स्थापना हुई थी तो शुरूआती सात में कोलकाता की फैक्ट्रियों पर बोरे की निर्भरता थी। बाद में गोरखपुर में भी बोरा बनाने वाली फैक्ट्रियां शुरू हुईं। अब नया गोरखपुर बोरे की उपलब्धता के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर दिख रहा है।

हिन्दुस्तान यूरिया रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के नये प्लांट में रोजाना 3850 मिट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होगा। एक बोरे में 45 किलोग्राम यूरिया भरी जाएगी। इस तरह खाद कारखाने को रोज करीब 80 से 90 हजार बोरे की आवश्यकता होगी। सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में ही खाद कारखाने की जरूरत भर के बोरा का उत्पादन हो रहा है। गोरखपुर में इंडस्ट्रियल एरिया में दो और गीडा में भी बोरा बनाने वाली दो फैक्ट्रियां चल रही हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *