शुक्रवार, दिसम्बर 3

अगर आपका आइडिया से किसान को फायदा तो मिलेगा 25 लाख रुपये सिर्फ बिहारवासियों को

बीएयू ने युवाओ काे कृषि के क्षेत्र में उद्यमी बनाने का बीड़ा उठाया है। इस क्षेत्र में विवि कार्य कर रही है। साथ ही प्रसार के महत्वपूर्ण 17 कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसकी जानकारी बीएयू के कुलपति डाॅ. अजय कुमार सिंह ने गुरुवार काे बीएयू के द्वारा आयाेजित 18वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक में दी है। वर्चुअल बैठक का उद्घाटन कृषि एवं पशुपालन मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार ने किया। कुलपति ने कहा कि बाहर से आए प्रवासी मजदूराें के प्रशिक्षण के लिए अब तक 800 से अधिक मजदूराें ने अावेदन दिया है। निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. आरके साेहाने ने बताया कि सभी केवीके में समेकित कृषि माॅडल काे विकसित किया जाएगा।

केवीके के द्वारा किसानाें काे आनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। विवि द्वारा तैयार की जा रही कियाेस्क मशीन सभी केवीके में स्थापित की जाएगी। इससे किसानाें काे सभी समस्याओ  एवं नई तकनीक का नाॅलेज आसानी से मिलेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार के आठ जिलाें में जलवायु के अनुकुल कृषि के कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कुलपति ने कहा कि हर परिसर हरा परिसर कार्यक्रम के तहत अगस्त महीने तक एक लाख पाैधे लगाने का लक्ष्य है। बैठक में डाॅ. अंजनी कुमार, डाॅ. वीपी चहल, डाॅ. पीके राउल, बामेती के निदेशक डाॅ. जितेंद्र कुमार आदि भी शामिल हुए।

एग्री बिजनेस इन्क्यूबेटर की याेजना के तहत जिन लाेगाें के पास केवल आइडिया है, उनका चयन कर दाे महीने बीएयू प्रशिक्षण देगा। उन्हें 20 हजार का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। एग्रीकल्चर इकाेनाॅमी विभाग के अध्यक्ष व एग्री बिजनेस इन्क्यूबेटर के मुख्य अन्वेषक प्राे. एमके वाधवानी ने बताया कि चयनित आइडिया काे कृषि मंत्रालय भेजा जाएगा। चयन हाेने पर पांच लाख रुपए मिलेंगे। एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेटर के तहत आइडिया के लिए आवदेन लिये जाएंगे। इस योजना का लाभ केवल बिहारवासियों को मिलेगा। 10 जुलाई तक इसके लिए आवेदन लिए जाएंगे। प्राे. अजय कुमार सिंह, कुलपति, बीएयू

अगर आपके पास स्टार्टअप शुरू करने का अाइडिया है ताे उसे बिहार कृषि विश्वविद्यालय काे दें। वह आपकी मदद करेगा। विश्वविद्यालय कंपनी रजिस्टर कराने, प्राेडक्ट का प्रचार करने, बैंक से लाेन दिलाने के अलावा एक्सपर्ट से सलाह लेने में भी सहयाेग करेगा। अगर अपने किसी आइडिया पर काम किया गया है और इसे अब और आगे बढ़ाना है ताे इसमें 25 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद भी मिलेगी। अगर आपके पास केवल बेहतर आइडिया है और उसपर काेई काम नहीं भी किया गया है ताे उसे आगे बढ़ाने के लिए पांच लाख रुपए की मदद मिलेगी।

बीएयू का एग्री बिजनेस इन्क्यूबेटर नए आइडिया से बिजनेस स्थापित करेगा। सत्र 2020-21 के लिए सरकार की ओर से विवि काे 1.12 कराेड़ रुपए मिले हैं। इस याेजना का लाभ केवल सूबे के लाेगाें काे ही मिलेगा। प्राे. एमके वाधवानी ने कहा कि एग्री बिजनेस से जुड़े ऐसे लाेग जिन्हाेंने अपने आइडिया पर काम किया है, उसे स्टार्टअप बनाने के लिए सरकार की ओर से 25 लाख रुपए दिये जाएंगे। किसी भी स्टार्टअप के लिए चयन तभी हाेगा जब उसका लाभ किसानाें तक पहुंचेगा। जाे भी आइडिया हाे उससे किसी न किसी प्रकार किसानाें काे फायदा पहुंचे।

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